भारत में इस बार अप्रैल का महीना आते-आते गर्मी झुलसाने लगी है. मुंबई में ‘महाराष्ट्र भूषण’ पुरस्कार समारोह के दौरान तेज धूप से 14 लोगों की मौत हो गई. उत्तर समेत पूर्वी भारत में भी गर्मी लोगों को झुलसा रही है.
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15 मार्च तक रूस, मॉरीशस व श्रीलंका के द्वारा भारतीय रुपए में विदेश व्यापार शुरू करने के बाद अब तक 18 देशों के बैंकों ने रुपए में व्यापार करने के लिए विशेष वोस्ट्रो खाते खोले हैं। दुनिया के 35 से अधिक देशों ने रुपए में व्यापार करने में रुचि दिखाई है।
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भारत की गिनती दुनिया के 10 सबसे अधिक वन-समृद्ध देशों में होती है। यहां लगभग 809 लाख हेक्टेयर में पेड़ हैं, जो कि पूरे देश का लगभग 25 फीसदी है लेकिन यह भी कड़वा सच है कि इसमें लगातार गिरावट आ रही है।
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आधी शताब्दी से भी ज्यादा लंबी अपनी राजनीतिक पारी में देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने दो चीजों का बहुत मुखर विरोध किया। पहली राजनीतिक छुआछूत और दूसरी वंशवाद।
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प्रसिद्ध समाजसेवक अप्पासाहब धर्माधिकारी को महाराष्ट्र भूषण अलंकरण से सम्मानित करने का समारोह निश्चित रूप से भव्य और व्यापक था लेकिन उसके साथ एक ऐसी त्रासदी जुड़ गई जिसे चाहकर भी कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.
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पिछले लगातार 18 सालों से सौर ऊर्जा साल दर साल 24 फीसदी की वृद्धि के साथ सबसे तेजी से बढ़ते वैश्विक ऊर्जा स्रोत के तौर पर अपना दबदबा बनाए हुए है। यह इतनी बिजली पैदा कर रहा है जिससे पूरे दक्षिण अफ्रीका की ऊर्जा संबंधी जरूरतें पूरी की जा सकती हैं।
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उत्तर प्रदेश और बिहार में लंबे समय तक माफियाओं का खेल जारी रहा है. माफिया सरगनाओं की चर्चा की जाती है तो एक-दो नहीं, बल्कि दर्जन भर नाम सामने आ जाते हैं. कई जेल के भीतर से तो कई बाहर से अपनी गुंडागर्दी का कारोबार चलाते हैं.
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केंद्र सरकार ने 8 अप्रैल को कुछ डेयरी उत्पादों के आयात की संभावना जताई थी। दरअसल यह संभावना इसलिए थी क्योंकि लंपी वायरस के चलते देश में 1 लाख 86 हजार पशुधन की मौत से दूध उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है।
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हमारे लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती चीन है जो हमें परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ता. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा पर बसे गांव किबिथू पहुंचकर जो हुंकार भरी है उसकी गूंज चीन को जरूर सुनाई दे रही होगी. चीन को अब समझ लेना चाहिए कि यह 1962 का हिं
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साठ के दशक में जनसंघ के मुख्य संगठनकर्ता दीनदयाल उपाध्याय ने द्विज जातियों (ब्राह्मण, ठाकुर और वैश्य) के साथ दो तरह के सामाजिक समुदायों को जोड़ने का योजनाबद्ध प्रयत्न शुरू किया था। ये दो तरह के समुदाय थे शूद्रों (यानी पिछड़ी जातियों) के कुछ हिस्से और ह
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