तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा को ‘पैसे लेकर सवाल पूछने’ के मामले में लोकसभा से निष्कासित किया जा चुका है। इस मामले को राजनीतिक नजरिए से देखने की बिल्कुल ही जरूरत नहीं है। इस पूरे मामले को संसद की गरिमा की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। संसद की एथिक्स क
...
हालांकि दोनों चुनाव में एक साल से कम का समय बचने पर अधिक बदलाव भी संभव नहीं होगा। लिहाजा नुकसान को कितना कम और बिगड़ी पहचान को कितना धुंधला किया जाए, इसी बात पर जोर लगाना एक रास्ता होगा।
...
शक्कर कारखानों को एथनॉल बनाने में गन्ने के रस का उपयोग न करने की केंद्र सरकार की हिदायत पहली नजर में हैरानी में तो डालती है, लेकिन शक्कर के उत्पादन में कमी की आशंका को देखते हुए इसे अनुचित नहीं कहा जा सकता है।
...
इसमें कोई संदेह नहीं कि ताजे चुनाव परिणामों से भारतीय जनता पार्टी की छवि एक सशक्त दल के रूप में निखरी है। इस तरह के स्पष्ट जन-समर्थन को संयोग नहीं कहा जा सकता न इसे जाति, धन और धर्म का करिश्मा ही कह सकते हैं।
...
कसाने, बोत्सवाना में शुरू हुई अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की हिफाजत के लिए अंतर सरकारी समिति की 18वीं बैठक के दौरान अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सहेजने संबंधी 2003 की संधि के प्रावधानों के तहत इसे सूची में शामिल किया गया।
...
भारत में जिस तरह का चुनाव-प्रचार होता है या फिर मतदाता को रिझाने की जिस तरह से कोशिशें होती हैं, वह जनतांत्रिक मूल्यों की दृष्टि से कितनी सही हैं? चुनावों में न तो विपक्ष पूछता है और न ही सत्तारूढ़ बताना है कि वैश्विक गरीबी सूचकांक के अनुसार हमारी सो
...
यह अदृश्य लहर इतनी प्रबल थी कि कई जिलों में कांग्रेस का एक भी उम्मीदवार नहीं जीत सका और कुछ भाजपा उम्मीदवारों ने 60,000 से अधिक मतों के भव्य अंतर से जीत हासिल की।
...