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ब्लॉग: सूरज से घर रौशन करने की नायाब पहल

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: March 1, 2024 10:39 IST

सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय स्रोत है, जिसका अर्थ है कि संसाधनों की समाप्ति के बिना असीमित समय तक इसका उत्पादन किया जा सकता है। ऊर्जा का एक स्वच्छ स्रोत है सौर ऊर्जा, जिससे कोई हानिकारक उत्सर्जन या प्रदूषण नहीं होता है।

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ठळक मुद्देदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर कोशिशें कर रही हैऊर्जा के सभी प्राकृतिक स्रोतों में सूर्य का प्रकाश सबसे प्रचुर मात्रा में हैदेश ने वर्ष 2030 तक अपनी लगभग आधी ऊर्जा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करने का संकल्प लिया है

देश में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर कोशिशें कर रही है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना को मंजूरी दे दी। इस पर 75 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। योजना के तहत एक करोड़ घरों को छतों पर सौर संयंत्र लगाने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। इसमें प्रत्येक परिवार को एक किलोवाॅट क्षमता के संयंत्र के लिए 30 हजार रुपए और दो किलोवॉट क्षमता के संयंत्र के लिए 60 हजार रुपए सब्सिडी मिलेगी। तो अब अगर आपके घर का बिजली आपको भारी पड़ रहा है, तो आप सोलर रूफटॉप योजना का उपयोग करके बिजली के भारी बिलों से निजात पा सकते हैं।

ऊर्जा के सभी प्राकृतिक स्रोतों में सूर्य का प्रकाश सबसे प्रचुर मात्रा में है। एक धूप वाले दिन में पृथ्वी को जितनी सौर ऊर्जा प्राप्त होती है, वह हमारे ग्रह को बिजली देने के लिए आवश्यक कुल दैनिक ऊर्जा की लगभग दो लाख गुना मात्रा उत्पन्न करने में सक्षम है। ऊर्जा के पारंपरिक सीमित स्रोतों, जैसे कोयला, प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम से भी हमें ऊर्जा मिलती है, लेकिन ये स्रोत पर्यावरण को प्रदूषित भी करते हैं। देश ने वर्ष 2030 तक अपनी लगभग आधी ऊर्जा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करने का संकल्प लिया है। 

हम जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता को कम करने और हरित भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, इसमें सौर क्षेत्र का विकास इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय स्रोत है, जिसका अर्थ है कि संसाधनों की समाप्ति के बिना असीमित समय तक इसका उत्पादन किया जा सकता है। ऊर्जा का एक स्वच्छ स्रोत है सौर ऊर्जा, जिससे कोई हानिकारक उत्सर्जन या प्रदूषण नहीं होता है। हाल के वर्षों में सौर ऊर्जा की लागत में पर्याप्त कमी आई है, जिससे यह ऊर्जा के स्रोत के रूप में तेजी से लागत-प्रभावी बनी है। सौर ऊर्जा प्रणाली विश्वसनीय और स्थायी बनती जा रही है, जिसके लिए कम रखरखाव की आवश्यकता होती है। निजी क्षेत्र भारत में सौर ऊर्जा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इसके लिए सरकार को निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए।

टॅग्स :सूर्यभारत
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