लाइव न्यूज़ :

ब्लॉग: राहगीरों को रौंदने वाली, धन्ना सेठों की यह कौन सी नस्ल है

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: May 22, 2024 12:38 IST

पुणे में रविवार तड़के अंधाधुंध रफ्तार से लग्जरी कार चलाकर एक नाबालिग द्वारा बाइक सवार दो लोगों की जान लेने की घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली है।

Open in App
ठळक मुद्दे पुणे की घटना के आरोपी नाबालिग ने पुलिस की पूछताछ में माना है कि उसने कार चलाने का प्रशिक्षण नहीं लिया थाफिर भी उसके पिता ने उसे अपनी महंगी कार देकर होटल में दोस्तों के साथ पार्टी करने की इजाजत दीआरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से कुछ घंटे बाद ही उसे जमानत मिल गई

पुणे में रविवार तड़के अंधाधुंध रफ्तार से लग्जरी कार चलाकर एक नाबालिग द्वारा बाइक सवार दो लोगों की जान लेने की घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली है। सिर्फ इसलिए नहीं कि इसमें दो युवा इंजीनियरों की जान चली गई, बल्कि इसलिए भी कि धनकुबेर कहे जाने वाले कुछ लोग अपनी नई नस्लों को किस दिशा में धकेल रहे हैं।

पुणे की घटना के आरोपी नाबालिग ने पुलिस की पूछताछ में माना है कि उसने कार चलाने का प्रशिक्षण नहीं लिया था, उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, फिर भी उसके पिता ने उसे अपनी महंगी कार देकर होटल में दोस्तों के साथ पार्टी करने की इजाजत दी और उन्हें यह भी पता था कि उनका नाबालिग लड़का शराब भी पीता है।

रोंगटे तो यह खबर भी खड़ी कर देती है कि उस आरोपी को थाने लाए जाने के बाद वीआईपी ट्रीटमेंट देते हुए बाहर से पिज्जा और बर्गर तक मंगाकर खिलाया गया। यह बात भी कम हैरान नहीं करती है कि आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से कुछ घंटे बाद ही उसे जमानत मिल गई और बोर्ड ने उसे आरटीओ जाकर यातायात नियम पढ़ने तथा 15 दिन के भीतर उसके समक्ष प्रस्तुति देने का निर्देश दिया। आदेश में कहा गया कि ‘सीसीएल (कानून का उल्लंघन करने वाला बच्चा) सड़क हादसे और उसका समाधान विषय पर 300 शब्दों का निबंध लिखेगा।

ऐसे में नागरिकों का यह सवाल उठाना स्वाभाविक है कि करोड़पति के बेटे को निबंध लिखने की शर्त पर छोड़ दिया गया। हालांकि पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार द्वारा नाबालिग के खिलाफ वयस्क की तरह मुकदमा चलाने की मांगी गई अनुमति को किशोर न्याय बोर्ड की निचली अदालत द्वारा खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने ऊपरी अदालत से आरोपी पर वयस्क अभियुक्त के रूप में मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी है। पुलिस आयुक्त का कहना है कि राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

निश्चित रूप से कानून को लकीर के फकीर की तरह काम नहीं करना चाहिए, बल्कि अपराध और परिस्थिति की गंभीरता को भी ध्यान में रखना चाहिए। ऐसे मामलों में अपराधी तो दोषी होता ही है, उसकी उम्र अगर कम हो तो अभिभावक को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि बच्चों को सही राह दिखाने की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है, जिससे वे इंकार नहीं कर सकते।

हैरतअंगेज तो यह है कि पैसे वाले कुछ लोग सबकुछ जानते हुए भी अपने बच्चों को गलत राह पर जाने देते हैं। एक अपराध वह होता है जो अनजाने में होता है और अपराधी को उस पर पछतावा भी होता है। लेकिन पैसों के गुरूर में अगर कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाएं तो सजा भी ऐसी होनी चाहिए कि फिर कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।

टॅग्स :Puneसड़क दुर्घटनाकोर्टcourtPolice
Open in App

संबंधित खबरें

भारतनोएडा में प्रदर्शन तेज, फैक्ट्री में कामकाज ठप?, वाहनों और संपत्ति में तोड़फोड़, हाई अलर्ट पर दिल्ली पुलिस, वीडियो

क्राइम अलर्टइको-कार में 9 लोग थे सवार, सीमेंट मिक्सर ट्रक से टक्कर और 9 की मौत, अस्पताल में जिंदगी से लड़ रहे 3, वीडियो

बॉलीवुड चुस्कीAsha Bhosle Funeral: दिग्गज गायिका को अंतिम विदाई?, शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार, फैंस उमड़े, रो पड़े सचिन तेंदुलकर, देखिए तस्वीरें और वीडियो

क्राइम अलर्टविलासितापूर्ण जीवन जीना है?, सहपाठी मोहंती को नकली बंदूक दिखाकर कार में बैठाया, 50000 रुपये फिरौती, बिहार, झारखंड, केरल और बेंगलुरु के रहने वाले 4 आरोपी

क्राइम अलर्टबहुचराजी मंदिर में दर्शन करने के लिए पैदल जा रहा था श्रद्धालु?, तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला,  7 की मौत

भारत अधिक खबरें

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर, 14-15 अप्रैल होगा अहम दिन, पीएम मोदी के भी भाग लेने की संभावना, जदयू-भाजपा नेताओं के बीच अहम बैठक जारी 

भारत16 से 18 अप्रैल तक संसद में रहिए उपस्थित, कांग्रेस, जदयू और एलजेपी (रामविलास) ने जारी किया व्हिप

भारत400 स्टूडेंट्स को बांटे 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि, एलिट और क्लैट में अच्छी रैंक लाकर नाम रोशन करने वाले स्टूडेंट्स सम्मानित

भारतकौन हैं मानस रंजन मंगराज?, सस्मित पात्रा की जगह होंगे राज्यसभा में बीजेडी संसदीय दल नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक सुलता देव, नवीन पटनायक ने किया बदलाव?

भारतलालू यादव को नहीं राहत?, सुप्रीम कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी मामले में सीबीआई एफआईआर रद्द करने से किया इनकार