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अब सभी बाइक्स में दिए जाएंगे ये खास फीचर्स, ट्रैक्टर्स में भी दी जाएंगी कारों वाली ये खासियत

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 16, 2020 12:33 IST

प्रपोजल के अनुसार, टू-वीलर पर लोड किए जाने वाले बॉक्स की लंबाई 550 mm, चौड़ाई 510 mm और ऊंचाई 500 mm से ज्यादा नहीं होगी। इसके साथ ही बॉक्स और उसमें लोड किए गए सामान सहित इसका वजन 30 किलोग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 

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ठळक मुद्देनए फीचर हैंड ग्रिप और फुट रेस्ट से बाइक पर पीछे बैठने वालों को आराम मिलेगा। नोटिफिकेशन में यह भी प्रपोजल है कि सभी एग्रीकल्चर ट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में विंडस्क्रीन और विंडो के साथ ही ड्राइवर के लिए सेफ्टी केबिन की आवश्यकता भी है।

सभी दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए 1 अप्रैल से BS6 इंजन अनिवार्य किए जाने के बाद अब जल्द ही एक और नियम लागू होने वाला है। हालांकि यह नया नियम सिर्फ दो पहिया वाहनों के लिए होगा। दो पहिया वाहनों के लिए अनिवार्य तौर लागू होने वाला यह नया नियम इसी साल के अक्टूबर महीने से लागू होगा। 

इस नए नियम के मुताबिक सभी मोटरसाइकल में ड्राइवर सीट के पीछे या साइड में परमानेंट हैंड ग्रिप और फुट रेस्ट दिया जाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बाइक में एक प्रोटेक्टिव कवर भी देना होगा जो पिछले पहिये को कम से कम आधा कवर करे। ये नया नियम या कहें संशोधित मोटर व्हीकल रूल 1 अक्टूबर से लागू होगा। 

नए फीचर हैंड ग्रिप और फुट रेस्ट से बाइक पर पीछे बैठने वालों को आराम मिलेगा। जबकि प्रोटेक्टिव कवर बाइक पर पीछे बैठने वाली सवारी के कपड़े को पहिए में फंसने से रोकने में मदद करेगा। रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने मोटर व्हीकल रूल्स के संशोधन में टू-वीलर के पीछे रखे जाने वाले कंटेनर्स के साइज को लेकर भी प्रस्ताव दिया है। 

बाइक के पीछे रखे जाने वाले कंटेनर्स को लेकर जो प्रस्ताव आया है वह ऐसे समय आया है जब जब टू-वीलर्स के जरिए फूल-डिलिवरी और अन्य डिलिवरी का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। जानकारी के मुताबिक इस नियम के पीछे टू-व्हीलर के बैलेंस पर जोर दिया गया है जिससे कि बाइक का बैलेंस न बिगड़े और साथ ही इन पर ओवरलोडिंग न होने पाए।

30 किलोग्राम से ज्यादा नहीं होगा वजन-प्रपोजल के अनुसार, टू-वीलर पर लोड किए जाने वाले बॉक्स की लंबाई 550 mm, चौड़ाई 510 mm और ऊंचाई 500 mm से ज्यादा नहीं होगी। इसके साथ ही बॉक्स और उसमें लोड किए गए सामान सहित इसका वजन 30 किलोग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 

ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के अनुसार, जिन गाड़ियों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) है, उन्हें नॉर्म्स का पालन करना होगा। इससे ऐक्सिडेंट को कम करने और माइलेज बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। नोटिफिकेशन में यह भी प्रपोजल है कि सभी एग्रीकल्चर ट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में विंडस्क्रीन और विंडो के साथ ही ड्राइवर के लिए सेफ्टी केबिन की आवश्यकता भी है।

टॅग्स :बाइकसड़क दुर्घटनारोड सेफ्टी
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