अतीत में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर केसीआर और केजरीवाल तक कांग्रेस-भाजपा से समान दूरी की वकालत करते हुए क्षेत्रीय दलों का मोर्चा बनाने की कवायद करते रहे हैं. ...
आप और कांग्रेस के रिश्ते सुधरे बिना व्यापक विपक्षी एकता दूर की कौड़ी ही बनी रहेगी. दोनों पार्टियों के बीच कटुता पुरानी है, जो समय के साथ बढ़ती गई है. ...
2018 के विधानसभा चुनाव में 104 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी भाजपा जोड़तोड़ से सरकार बनाने और लगभग चार साल तक चलाने के बावजूद इस बार कांग्रेस से आधी से भी कम सीटों पर सिमट गई तो जाहिर है, सारे समीकरण उसके विरुद्ध गए। ...
कर्नाटक में कल चुनाव है. यह भी दिलचस्प है कि 1977 में जब पहली बार कांग्रेस केंद्र की सत्ता से बेदखल हुई और इंदिरा गांधी तक रायबरेली से लोकसभा चुनाव हार गईं, तब उन्हें कर्नाटक ने ही सहारा दिया था. ...
राजनेता अक्सर विचारधारा की बात करते और उसकी कसमें खाते नजर आते हैं. हालांकि, चुनाव आते-आते ही तस्वीर इतनी बदली हुई नजर आने लगती है कि कोई भी हैरत मेें पड़ जाए. कर्नाटक के राजनीति की कहानी भी कम हैरान करने वाली नहीं है. ...
राजनय से राजनीति में आए शशि थरूर ने जो गुगली फेंकी है, उसे खेल पाना कांग्रेस और उसके अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए आसान नहीं. नेहरू परिवार का आशीर्वाद प्राप्त खड़गे से अध्यक्ष पद के चुनाव में भारी अंतर से हारने के बावजूद थरूर ने हिम्मत नहीं हारी ...