लाइव न्यूज़ :

इराक में ग्रीन जोन और अमेरिकी सेना के ठिकाने वाले अड्डे पर मिसाइल हमला: सुरक्षा सूत्र

By भाषा | Updated: January 5, 2020 00:21 IST

समाचार एजेंसी एएफपी ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से कहा है कि इराक की राजधानी के ग्रीन जोन को दो रॉकेट ने दहलाया। बताया जा रहा है कि हमला जिस जगह पर हुआ वहां अमेरिकी सैनिक तैनात थे।

Open in App
ठळक मुद्देइराक की राजधानी बगदाद के ग्रीन जोन इलाके में दो मोर्टार बम गिरे और अमेरिकी सैनिकों के ठिकाने पर दो रॉकेट शनिवार को आ कर गिरे।सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि बगदाद में शनिवार शाम मोर्टार के गोले ग्रीन जोन में आ कर गिरे। यह उच्च सुरक्षा वाला वह स्थान है जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है।

इराक की राजधानी बगदाद के ग्रीन जोन इलाके में दो मोर्टार बम गिरे और अमेरिकी सैनिकों के ठिकाने पर दो रॉकेट शनिवार को आ कर गिरे। यह हमला भीषण अमेरिकी हमले के एक दिन बाद हुआ है।

सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि बगदाद में शनिवार शाम मोर्टार के गोले ग्रीन जोन में आ कर गिरे। यह उच्च सुरक्षा वाला वह स्थान है जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है।

इराकी सेना ने कहा कि एक प्रक्षेपास्त्र जोन के अंदर जा कर गिरा वहीं दूसरा उसके समीप गिरा। सूत्रों ने ‘एएफपी’ को बताया कि हमले के बाद सायरन बजने लगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद दो कतयूशा रॉकेट बगदाद के उत्तर में बालाद एयरबेस पर गिरे। यहां अमेरिकी सैनिक रहते हैं।

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच छद्म युद्ध शुरू होने की बढ़ती आशंकाओं के बीच अमेरिकी ड्रोन हमले में शीर्ष ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के एक दिन बाद शनिवार तड़के अमेरिका ने एक ताजा हवाई हमले में इराक के हशद अल शाबी अर्द्धसैन्य बल के सदस्यों को निशाना बनाया था।

अमेरिका के ड्रोन हमले में बगदाद में शुक्रवार को मारे गए ईरानी कुद्स बल के कमांडर कासिम सुलेमानी और इराकी अर्द्धसैन्य बल के उप प्रमुख अबु महदी अल मुहंदिस के लिए शोक मार्च निकाला जाना था जिसके कुछ ही घंटों पहले अमेरिका ने एक और हमला कर दिया।

ईरान और अमेरिका के बीच बेहद तनावपूर्ण स्थिति के बीच ये हमले सबसे नाटकीय घटनाक्रम है। ड्रोन हमले के करीब 24 घंटे बाद एक और हमले में इराकी अर्द्धसैन्य नेटवर्क हशद अल शाबी के काफिले को निशाना बनाया गया।

इस नेटवर्क के शिया बहुल धड़ों के ईरान से निकट संबंध हैं। समूह ने अपने बयान में हमले की जानकारी दी लेकिन यह नहीं बताया कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। हालांकि इराकी सरकारी टीवी चैनल ने बताया कि यह हमला अमेरिका ने किया था।

एक पुलिस सूत्र ने बताया कि बमबारी में हशद के काफिले को निशाना बनाया गया और जिसमें कई लोग ‘‘हताहत’’ हुए। उन्होंने मरने वालों की सटीक संख्या नहीं बताई। इस संबंध में अमेरिका ने कोई तत्काल टिप्पणी नहीं की है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के शक्तिशाली कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की शुक्रवार को मौत हो गई थी। जनरल सुलेमानी (62) को अयातुल्ला खामेनी के बाद ईरान में सबसे ताकतवर माना जाता था। उनका कुद्स फोर्स ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स की एक इकाई था जो सीधे-सीधे अयातुल्ला को रिपोर्ट करता है। इस हमले में रेवोल्यूशनरी गार्ड्स और हशद के पांच-पांच सदस्य मारे गए थे।

इराक में शनिवार को ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी और इराकी अर्द्धसैन्य बल के उप प्रमुख अबु महदी अल मुहंदिस के अंतिम संस्कार के लिए निकाले गये जुलूस में हजारों लोग शामिल हुये, जो ‘‘अमेरिका मुर्दाबाद’’ नारा लगाते हुये चल रहे थे।

अंतिम संस्कार में शामिल कई लोगों ने काले कपड़े पहन रखे थे, और उनके हाथों में इराकी और इरान समर्थित मिलिशिया के झंडे थे। 

शोक सभा में इराक के प्रधानमंत्री अब्देल अब्देल महदी, मुहंदिस के सहयोगी हादी अल अमेरी, शिया धर्मगुरु अम्मार अल हकीम, पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी और ईरान समर्थक अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हुए।

वहीं, अमेरिकी ड्रोन हमले में बगदाद में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद नाटो ने इराक में अपने प्रशिक्षण मिशनों को फिलहाल स्थगित कर दिया है। गठबंधन सेना के प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी। इराक स्थित नाटो के मिशन में हजारों कर्मी हैं। यह मिशन बगदाद के अनुरोध पर इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण दे रहा है ताकि वहां जिहादी संगठन इस्लामिक स्टेट की वापसी को रोका जा सके।

वहीं, अमेरिकी हमले में ईरान एवं इराक के शीर्ष कमांडरों के मारे जाने की घटना के बाद उग्रपंथियों के खिलाफ लड़ाई में मदद कर रहे अमेरिका के नेतृत्व वाले सुरक्षा बलों की संख्या इराक अभियान में कम कर दी गई है। अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अमेरिकी नेतृत्व वाले बल ने अपना प्रशिक्षण और चरमपंथियों के खिलाफ अभियान ‘‘सीमित’’ कर दिया है।

उसने कहा, ‘‘हमारी शीर्ष प्राथमिकता गठबंधन सैनिकों की सुरक्षा है।’’ सूत्रों ने बताया, ‘‘यह (अभियान) बंद नहीं हुआ है। जिन इराकी सैन्य अड्डों पर हमारी गठबंधन सेनाएं मौजूद हैं, वहां हमने सुरक्षा बढ़ा दी है और रक्षात्मक उपाय किए हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि हाल के महीने में अमेरिकी सैनिकों पर ईरान समर्थित धड़े की ओर से रॉकेट हमलों में इजाफा होने के बाद यह बदलाव किया गया है। निगरानी प्रयासों का ध्यान अब इस्लामिक स्टेट समूह के बजाय संभावित नये हमलों पर केंद्रित है। पिछले महीने रॉकेट हमले में एक अमेरिकी ठेकेदार की मौत हो गई थी जिससे इराकी जमीन पर अमेरिका और ईरान के बीच छद्म युद्ध की आशंका बढ़ गई थी।

टॅग्स :इराकइराक बम ब्लास्टअमेरिका
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा, ताइवान का जिक्र नहीं?, व्हाइट हाउस ने फैक्ट शीट जारी किया

विश्वतेलंगाना की रहने वाली 25 वर्षीय नव्या गडुसु की मौत और सड़क दुर्घटना में 6 घायल 

विश्वतेहरान में 90 मिनट तक बैठक?, अमेरिका-इजराइल के साथ टकराव के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ उच्च स्तरीय वार्ता

विश्वआज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां, पहले कोरोना आया, फिर युद्ध और अब energy crisis?, पीएम मोदी ने कहा- ये आपदाओं का दशक, वीडियो

विश्वकौन है अबू बक्र अल-मैनुकी?, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- इस्लामिक स्टेट समूह का कुख्यात आतंकवादी ढेर?

विश्व अधिक खबरें

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वयुद्ध के बादल छंटे? डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को रोका, तेहरान के साथ 'बड़ी बातचीत' का किया दावा

विश्वडार्विन, लिंकन, मार्क्स और समानता का साझा सिद्धांत