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इजराइल, हमास के बीच तेज हुई लड़ाई ने 2014 के गाजा युद्ध की याद दिलाई

By भाषा | Updated: May 12, 2021 21:47 IST

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यरुशलम, 12 मई (एपी) गाजा से आते रॉकेटों और इजराइल के हवाई हमलों ने बुधवार को 2014 के उस संघर्ष की याद दिला दी जो 50 दिनों तक चला था। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुए मौजूदा संघर्ष के अभी खत्म होने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं।

गाजा के हमास शासकों और अन्य उग्रवादी समूहों ने सैकड़ों रॉकेट दागे जिससे घनी आबादी वाले तेल अवीव में विस्फोटों की आवाज सुनाई देती रही।

वहीं, इजराइल ने गाजा पट्टी में दो बहुमंजिला इमारतों और उग्रवादी समूह के कई प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए।

इजराइल ने पहले चेतावनी देते हुए गोलियां चलाईं ताकि नागरिक इमारत छोड़कर जा सकें लेकिन बाकी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार को थोड़ी देर के विराम के बाद इजराइल ने पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए दर्जनों हवाई हमले किए।

गाजा सिटी में धुएं का गुबार उठता दिखा।

हमास द्वारा संचालित आतंरिक मंत्रालय ने बताया कि इजराइल के हवाई हमलों में गाजा सिटी केंद्रीय पुलिस मुख्यालय नष्ट हो गया।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल के हमलों में गाजा में मरने वाले फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। इनमें 14 बच्चे और तीन महिलाएं शामिल हैं। करीब 300 लोग घायल हुए हैं जिनमें 86 बच्चे और 39 महिलाएं शामिल हैं।

वहीं, मंगलवार और बुधवार तड़के रॉकेट हमलों में तीन महिलाओं और एक बच्चे समेत छह इजराइलियों की मौत हो गई तथा दर्जनों अन्य लोग घायल हो गए।

मागेन डेविड एडम आपात सेवा के प्रमुख अली बिन ने बताया कि गाजा उग्रवादियों ने बुधवार सुबह सीमा पर टैंक विध्वंसक मिसाइल दागी जिसमें एक इजराइली सैनिक की मौत हो गई और एक अधिकारी सहित दो सैन्यकर्मी घायल हो गए।

मारे गए सैनिक की पहचान स्टाफ सार्जेंट उमर तबीब (21) के रूप में हुई है। हमास के साथ तीन दिन से चली आ रही लड़ाई में इजराइली सेना को हुई यह पहली जनहानि है।

इजराइली सेना ने बताया कि उग्रवादियों ने संघर्ष के शुरू होने से लेकर अब तक 1,050 से अधिक रॉकेट दागे हैं।

सेना ने बताया कि उसने गाजा से इजराइल में घुसे एक ड्रोन को भी मार गिराया।

सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन ने कहा कि दो इन्फैंट्री ब्रिगेड इलाके में भेजी गई हैं जो जमीनी आक्रमण की तैयारी को दिखाती हैं।

गाजा में चार बच्चों की मां समा हबूब ने कहा, ‘‘गाजा में अभी कोई सुरक्षित स्थान नहीं है।’’

इमारतों को निशाना बनाना उन तौर-तरीकों में शामिल है जो 2014 के युद्ध के दौरान भी आजमाए गए थे और अब अंतरराष्ट्रीय अदालत संभावित युद्ध अपराधों के तहत इसकी जांच कर रही है। इजराइल इस अदालत का सदस्य नहीं है और उसने जांच खारिज कर दी है।

गत सप्ताहांत अल अक्सा मस्जिद में झड़प हुई थी और फिर चार दिन तक इजराइली पुलिस और फलस्तीनियों के बीच संघर्ष चलता रहा।

सोमवार शाम से हमास ने गाजा से रॉकेट दागने शुरू कर दिए और यहां से तनाव बढ़ता चला गया।

हिंसा की व्यापक पैमाने पर आलोचना होने के बावजूद इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले और तेज करने को कहा है।

बुधवार को इजराइल के हमले में हमास का गाजा सिटी कमांडर मारा गया। समूह ने इसकी पुष्टि की है। 2014 के बाद हमास का यह दूसरा सर्वोच्च कमांडर था जो इजराइल के हमले में मारा गया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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