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गुप्ता बंधुओं ने सरकारी तंत्र में घुसपैठ बना ली थी:दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा

By भाषा | Updated: August 13, 2021 17:44 IST

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(फाकिर हसन)

जोहानिसबर्ग, 13 अगस्त दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने पहली बार यह स्वीकार किया कि अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के भीतर मतभेदों के कारण देश में घोटाले में कथित तौर पर लिप्त गुप्ता परिवार के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हो सकी।

सरकारी संस्थानों और प्रांतीय सरकार में अरबों रैंड के गबन के आरोपी तीन गुप्ता बंधुओं के साथ पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के संबंधों का जिक्र करते हुए रामफोसा ने कहा, ‘‘उन्होंने तंत्र में बड़ी सफाई से घुसपैठ बना ली थी। उनकी स्वीकार्यता थी, उनकी पहुंच थी। चेतावनी दी गयी जिन पर ध्यान नहीं दिया गया।’’

बृहस्पतिवार को जांच आयोग के समक्ष गवाही में रामफोसा ने कहा कि पार्टी के कुछ सदस्यों ने पार्टी को इस बारे में आगाह किया था। उन्होंने कहा, ‘‘आगाह किया गया था और चौकन्ना होने की जरूरत थी। लेकिन मेरे खयाल से गुप्ता परिवार के मामले में हमारी आंखों पर पट्टी बंध गई थी क्योंकि हमें लगता था कि वे हमारी पार्टी के सर्वोच्च नेता के मित्र हैं।’’

रामफोसा ने बताया कि परिवहन मंत्री फिकिले एमबौला ने कई बार इस बारे में राष्ट्रीय कार्यकारी समिति में बताया था। कई अन्य पूर्व मंत्रियों ने भी आयोग के समक्ष गवाही दी है।

रामफोसा ने एमबौला के साहस की भी प्रशंसा की कि उन्होंने बताया था गुप्ता बंधुओं ने नियुक्ति के कई माह पहले ही उन्हें इसकी जानकारी दे दी थी। यह जानकारी जुमा के घोषणा करने से काफी पहले ही दे दी गई थी।

कई पूर्व मंत्रियों ने भी आयोग के समक्ष गवाही दी है।

रामफोसा ने उस घटना का जिक्र भी किया जब गुप्ता परिवार के यहां विवाह समारोह में शामिल होने भारत से मेहमानों को लेकर आया विमान वायुसेना के वॉटरक्लूफ ठिकाने पर उतरा था।

रामफोसा ने कहा,‘‘ जब विमान वायु सेना के वॉटरक्लूफ अड्डे पर उतरा तब तत्कालीन महासचिव ने इसके खिलाफ आवाज उठाई और जब गुप्ता बंधु एएनसी मुख्यालय आए थे इस पर तथा अन्य मसलों पर चर्चा करने, तब मैंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यह नहीं होना चाहिए था और इससे हमारे राष्ट्रपति और आपके मित्र मुश्किल में पड़ जाएंगे।’’

गुप्ता परिवार कथित तौर पर दुबई में स्वनिर्वासन में है और दक्षिण अफ्रीका के अधिकारियों ने उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि वे यहां आपराधिक आरोपों का सामना कर सकें।

दिवंगत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला द्वारा 1994 में देश का पहला लोकतंत्र स्थापित करने के बाद गुप्ता बंधु - अजय, अतुल और राजेश अपने परिवारों के साथ यहां आ गए थे। उन्होंने शॉपिंग केन्द्र में जूते की एक दुकान खोली लेकिन बाद में सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया और खनन जैसे क्षेत्रों में उन्होंने करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया था।

जुमा को पिछले माह अदालत की अवमानना के लिए 15माह की कैद की सुनाई गई है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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