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पिछली सदी के सबसे विचारक योद्धा थे डॉक्टर, लेखक, क्रांतिकारी और गुरिल्ला वार एक्सपर्ट चे ग्वेरा, जानें मार्क्सवाद को लेकर कैसी थी उनकी सोच

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 31, 2022 17:23 IST

आपको बता दें कि चे ग्वेरा क्यूबा के क्रांतिकारियों फिदेल और राउल कास्त्रो के सेना में शामिल हो गए जिसके बाद उन्होंने क्यूबा के तानाशाह फुलगेन्सियो बतिस्ता को उखाड़ फेंकने में उनकी मदद की थी।

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ठळक मुद्देचे ग्वेरा के बेटे कैमिलो ग्वेरा की मौच हो गई है। इस बात की जानकारी क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल ने दी है। कैमिलो ग्वेरा के पिता चे ग्वेरा की गोली मारकर हत्या हुई थी।

Camilo Guevara Dies: चे ग्वेरा के बेटे कैमिलो ग्वेरा को लेकर एक बुरी खबर सामने आई है। कम्युनिस्ट क्रांतिकारी आइकन अर्नेस्टो चे ग्वेरा के सबसे बड़े बेटे कैमिलो ग्वेरा मार्च  का निधन हो गया है। आपको बता दें कि यह वही चे ग्वेरा के बेटा है जो उस समय अमेरिकी साम्राज्यवाद के लिए सबसे बड़ा संकट बन गया था और जिसे मारने के बाद भी अमेरिका को डर सता रहा था। 

ऐसे में क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि कैमिलो ग्वेरा का 60 वर्ष की उम्र में काराकस में निधन हो गया है।

दिल का दौरा पड़ने से हुई है मौत

प्रेंसा लैटिना के अनुसार जब ग्वेरा मार्च वेनेजुएला का दौरा उस वक्त जब सोमवार को ब्लड क्लॉट की वजह से उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। क्यूबा के राष्ट्रपति ने ग्वेरा मार्च  की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए ट्विट किया कि हम चे के बेटे और उनके विचारों के प्रवर्तक कैमिलो को अलविदा कहते हैं।

चे ग्वेरा की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए बनी है संस्था

आपको बता दें कि चे ग्वेरा की एक बेटी है जिसका नाम हिल्डा है जो उसकी पिछली शादी से जन्मी थी। बता दें कि श्रम कानून में स्नातक ग्वेरा मार्च हवाना में सेंटर फॉर चे ग्वेरा स्टडीज के निदेशक थे। ये संस्था उनके पिता के काम और विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। ग्वेरा के पिता क्यूबा में एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं।

चे ग्वेरा का सफर

अर्जेंटीना में जन्मे चे ग्वेरा ने लैटिन अमेरिका की यात्रा करने से पहले चिकित्सा का अध्ययन किया था। उस दौरान वह मेक्सिको में क्यूबा के क्रांतिकारियों फिदेल और राउल कास्त्रो से मिले थे।चे ग्वेरा उनकी सेना में शामिल हो गए जिसके बाद उन्होंने क्यूबा के तानाशाह फुलगेन्सियो बतिस्ता को उखाड़ फेंकने में मदद की। बता दें कि 1967 में 39 साल की उम्र में एक सैनिक द्वारा चे ग्वेरा  की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 

कौन थे चे ग्वेरा और क्या थी उनकी सोच

चे ग्वेरा को एक डॉक्टर, लेखक, क्रांतिकारी और गुरिल्ला योद्धा के रुप में जाने जाते थे। वे एक ऐसे क्रांतिकारी नेता थे जिन्हें हर विचारधारा के युवा उन्हें अपना हीरो मानते थे। लेकिन वामपंथ (Communist) की तरफ झुकाव रखने वाले युवा उन्हें बहुत पसंद करते थे। 

मार्क्सवाद जैसी सोच रखने वाले चे ग्वेरा का कहना था कि किसी के साथ भेदभाव न हो और सबको एक समान अधिकार मिले। वे जीवन साम्राज्यवादी और पूंजीवादी ताकतों के खिलाफ लड़ते रहे थे। यही कारण है कि आज भी कई युवा उनको काफी पसंद करते है और उनकी विचारधारा पर चलते है। 

टॅग्स :क्यूबाUSAAfrican National Congress
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