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सीपीजे ने अमेरिका से अफगान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया

By भाषा | Updated: August 17, 2021 17:21 IST

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‘कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ (सीपीजे) नामक संगठन ने कहा है कि अमेरिका पर अफगान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की विशेष जिम्मेदारी है और इसलिए पत्रकारों को आपातकालीन वीजा देने जैसे कदम उठाने चाहिए। सीपीजे ने इस पर जोर दिया कि अफगानिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है उसे समझने के लिए यह जरूरी है कि उस प्रेस की सुरक्षा की जाये जो एक समय वहां स्वतंत्र थी। सोमवार को जारी एक प्रेस वक्तव्य में सीपीजे ने कहा कि वह सैकड़ों स्थानीय पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा के प्रति चिंतित है जिन्हें तालिबान अपना निशाना बना सकता है। पिछले महीने, तालिबान ने पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को मार दिया था जो रायटर्स न्यूज एजेंसी के लिए काम करता था। उस समय सिद्दीकी, दक्षिणी कंधार प्रांत में तालिबान और अफगान सुरक्षा बलों के बीच झड़प को कवर कर रहा था जब उसे मार दिया गया। तालिबान ने रविवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया और अफगान राष्ट्रपति गनी देश छोड़ गए। खामा न्यूज के मुताबिक, तालिबान के काबुल में प्रवेश करने के बाद से ही ‘अफगानिस्तान नेशनल रेडियो और टेलीविजन’ (आरटीए) ने सीधा प्रसारण बंद कर दिया था और कर्मचारियों को घर भेज दिया गया था। शमशाद टीवी और तोलो टीवी के सुरक्षा गार्डों को निशस्त्र कर दिया गया और तोलो टीवी का सीधा प्रसारण या कार्यक्रम नहीं हो रहे हैं। खबर के अनुसार, चैनलों पर तालिबान का कब्जा हो गया है इसलिए प्रवेश पर गार्ड रखने की कोई जरूरत नहीं है। सीपीजे ने कहा कि अफगान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका को और अधिक प्रयास करना होगा क्योंकि देश अब तालिबान के कब्जे में है। सीपीजे ने कहा कि अमेरिका को पत्रकारों को देश से सुरक्षित बाहर निकालना चाहिए और उन्हें आपातकालीन वीजा दिया जाना चाहिए। बयान में कहा गया है कि प्रमुख अमेरिकी प्रकाशनों- द न्यूयॉर्क टाइम्स, द वाशिंगटन पोस्ट और द वॉल स्ट्रीट जर्नल के साथ काम करने वाले अफगान पत्रकार देश से बाहर जाने वाले विमान में सवार हो पाने में असमर्थ रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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