लाइव न्यूज़ :

जनवरी के विद्रोह की जांच कर रही समिति ने रिकॉर्ड मांगे

By भाषा | Updated: August 26, 2021 13:09 IST

Open in App

वाशिंगटन, 26 अगस्त (एपी) अमेरिकी संसद भवन परिसर में जनवरी में हुए विद्रोह की जांच कर रही सदन की समिति संघीय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से वे रिकॉर्ड मांग रही है जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की भीड़ के जानलेवा हमले की सांसदों ने समीक्षा की है। समिति ने इन रिकॉर्ड में उन घटनाओं की जानकारी मांगी है जिससे छह जनवरी को दंगे हुए। इनमें तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य एजेंसियों के तहत व्हाइट हाउस के भीतर संचार की जानकारी भी शामिल हैं। साथ ही वाशिंगटन में हुई रैलियों के लिए योजना और वित्त पोषण की जानकारी भी मांगी गयी है। ट्रंप ने बुधवार शाम को एक बयान में समिति पर ‘‘विशेषाधिकार के दीर्घकालीन कानूनी सिद्धांतों’’ का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। समिति के सदस्य दूरसंचार कंपनियों से कई लोगों के फोन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए कहने पर भी विचार कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जाए कि दंगों के बारे में कौन जानता था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वयुद्ध के बादल छंटे? डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को रोका, तेहरान के साथ 'बड़ी बातचीत' का किया दावा

विश्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा, ताइवान का जिक्र नहीं?, व्हाइट हाउस ने फैक्ट शीट जारी किया

विश्वतेहरान में 90 मिनट तक बैठक?, अमेरिका-इजराइल के साथ टकराव के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ उच्च स्तरीय वार्ता

भारतक्या आप भी दिल्ली में घर ढूंढ रहे हैं? DDA की इस नई योजना में हो रही है लाखों की बचत, जानें पूरी डिटेल

विश्व अधिक खबरें

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

विश्वडार्विन, लिंकन, मार्क्स और समानता का साझा सिद्धांत

विश्वनीदरलैंड पीएम रॉब जेटन दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाले देश भारत को क्यों ज्ञान दे रहे हैं?

विश्वप्रधानमंत्री मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान?, नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित, वीडियो