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बाइडन ने काबुल से निकासी पूरी करने, अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला देने की प्रतिबद्धता जतायी

By भाषा | Updated: August 27, 2021 19:56 IST

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वाशिंगटन, 27 अगस्त (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने काबुल हवाई अड्डे के पास घातक आत्मघाती हमले के बावजूद अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों और अन्य लोगों को निकालने का काम पूरा करने की प्रतिबद्धता जतायी है। बाइडन ने हमले में मारे गए 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की प्रतिबद्धता जतायी और इसके लिए जिम्मेदार आतंकवादियों से कहा, ‘‘हम तुम्हें मार गिरायेंगे और तुम इसकी कीमत चुकाओगे।’’बाइडन ने भावुक होते हुए व्हाइट हाउस से कहा कि इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़़े अफगानिस्तानी संगठन को बृहस्पतिवार के हमलों के लिए दोषी ठहराया गया है जिसमें अमेरिका नागरिकों के साथ ही कई अफगान नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उन्होंने तालिबान के साथ मिलीभगत की, जो अब देश को नियंत्रित करते हैं।बाइडन ने हमले में जान गंवाने वाले सैनिकों के सम्मान में कुछ पल का मौन रखने के लिए कहा और पूरे देश में अमेरिकी झंडे को आधा झुकाने का आदेश दिया। इसमें शामिल ​​हमलावरों और बंदूकधारियों को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास यह मानने के कुछ कारण हैं कि हम जानते हैं कि वे कौन हैं ... निश्चित नहीं हैं।’’ बाइडन ने कहा कि उन्होंने सैन्य कमांडरों को आईएस की ‘‘संपत्ति, नेतृत्व और इकाइयों’’ पर हमला करने की योजना बनाने का निर्देश दिया है।अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रमुख जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने कहा कि और अधिक हमलों के प्रयास किए जाने की आशंका है।अफगानिस्तान में आईएस से संबद्ध संगठन ने हाल के वर्षों में देश में नागरिक ठिकानों पर कई हमले किए हैं। यह तालिबान से कहीं अधिक कट्टरपंथी है, जिसने दो हफ्ते से भी कम समय पहले देश में सत्ता पर कब्जा किया था।समूह पर सबसे भीषण अमेरिकी हमला अप्रैल 2017 में किया गया गया था जब अमेरिका ने आईएस की एक गुफा और सुरंग परिसर पर अपने शस्त्रागार में सबसे बड़ा पारंपरिक बम गिराया था। माना जाता है कि समूह ने हाल ही में शहरी क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित किया है, जो नागरिकों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें लक्षित करने के अमेरिका के प्रयासों को जटिल बना सकता है।बाइडन ने कहा, ‘‘हम अपने चुने हुए समय पर, अपनी पसंद के स्थान पर ताकत और सटीकता के साथ जवाब देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये आईएसआईएस आतंकवादी नहीं जीतेंगे। हम अमेरिकियों को बचाएंगे, हम अपने अफगान सहयोगियों को बाहर निकालेंगे और हमारा अभियान जारी रहेगा। अमेरिका भयभीत नहीं होगा।’’ बाइडन ने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने उन्हें बताया था कि निकासी अभियान को पूरा करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘और हम करेंगे, हम आतंकवादियों से नहीं डरेंगे।’’ दरअसल, फ्लोरिडा स्थित मुख्यालय से निकासी अभियान की देखरेख कर रहे जनरल मैकेंजी ने बाइडन के बोलने से कुछ समय पहले पेंटागन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम अमेरिका और अफगान दोनों के नागरिकों के जीवन की हानि से दुखी हैं, लेकिन हम अभियान को अंजाम देना जारी रखे हुए हैं।’’उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को एयरफील्ड में करीब 5,000 लोग उड़ान के इंतजार में थे।कम से कम 1,000 अमेरिकी और कई अन्य अफगान अभी भी काबुल से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।मैकेंजी ने कहा कि 12 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और 15 घायल हो गए। बाद में, उनके प्रवक्ता कैप्टन विलियम अर्बन ने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है और 18 घायल हैं। अर्बन ने कहा कि सर्जिकल इकाइयों से लैस वायुसेना के सी-17 परिवहन विमानों में घायलों को अफगानिस्तान से निकाला जा रहा है।मरीन कोर ने कहा कि मारे गए लोगों में 10 मरीन भी शामिल हैं। मध्य कमान ने मृतकों की पहचान नहीं की। यह अगस्त 2011 के बाद से अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के लिए यह सबसे घातक दिन था, जब विद्रोहियों द्वारा एक रॉकेट चालित ग्रेनेड द्वारा एक हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया था, जिसमें 30 अमेरिकी सैनिक और आठ अफगान मारे गए थे।बाइडन ने अमेरिकी सेना की प्रशंसा की और सम्मान में कुछ पल मौन रहने के लिए कहा। बाद में आगे की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर, प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि बाइडन डेलवेयर स्थित डोवर वायुसेना बेस जा सकते हैं जहां जान गंवाने वाले सैनिकों के पार्थिव शरीर लाये जाएंगे। बृहस्पतिवार के हमले के बाद बाइडन पर सभी ओर से राजनीतिक दबाव बढ़ना निश्चित था। अफगानिस्तान से निकासी की समय सीमा बढ़ाने को लेकर दबाव के बावजूद, बाइडन अपनी योजना पर अड़ें हुए हैं और उन्होंने इसके लिए नागरिकों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ आतंकवादी हमलों के खतरे का हवाला दिया है।अफगानिस्तान में अमेरिकी राजदूत रॉस विल्सन ने एबीसी न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘उन अमेरिकियों के लिए हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए सुरक्षित तरीके हैं जो अभी भी छोड़ना चाहते हैं। निश्चित रूप से जोखिम वाले कुछ अफगान होंगे जो बाइडन की समय सीमा से पहले बाहर नहीं निकल पाएंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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