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ऐसा विमान जिससे आसमान से लोगों को गिराकर मारा जाता था! रूह कंपा देने वाला है इसका इतिहास, 20 दिन की यात्रा के बाद अमेरिका से अर्जेंटीना पहुंचा

By भाषा | Updated: June 25, 2023 14:10 IST

‘शॉर्ट एससी.7 स्काईवैन’ विमान अमेरिका से अर्जेंटीना पहुंच गया है। अर्जेंटीना के हजारों नागरिक ‘फ्लाइट ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर’ के जरिये लगातार इसकी उड़ान पर नजर बनाए हुए थे।

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ब्यूनस आयर्स: फ्लोरिडा (अमेरिका) और ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना) के बीच की उड़ान औसतन 10 घंटे में पूरी होती है लेकिन शनिवार को अर्जेंटीना में उतरा टर्बोप्रॉप कोई साधारण विमान नहीं था। यह 20 दिन से इस यात्रा पर था और अर्जेंटीना के हजारों नागरिक ‘फ्लाइट ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर’ के जरिये लगातार इसकी उड़ान पर नजर बनाए हुए थे।

‘शॉर्ट एससी.7 स्काईवैन’ में न तो कोई अति विशिष्ट व्यक्ति (वीआईपी) सवार था, न ही इससे कोई अहम सामान ले जाया जा रहा था। लेकिन, देश के लोगों के लिए इसका महत्व कुछ और ही है, यह विमान अर्जेंटीना के लोगों को 1976-1983 के सैन्य तानाशाही युग के क्रूर इतिहास की याद दिलाएगा।

आसमान से समुद्र में गिराकर मारने के लिए होता था इस्तेमाल

अमेरिका में मिला यह विमान पहला ऐसा विमान है, जिसके अर्जेंटीना के जुंटा शासन द्वारा राजनीतिक बंदियों को आसमान से समुद्र या नदी में गिराकर मारने के लिए इस्तेमाल किए जाने की अदालत में पुष्टि हुई है। अर्जेंटीना की सरकार इस विमान को ‘म्यूजियम ऑफ मेमोरी’ में रखेगी। ईएसएमए के नाम से जाना जाने वाला यह संग्रहालय उस स्थान पर बनाया गया है, जो कभी जुंटा शासन का सबसे कुख्यात हिरासत केंद्र हुआ करता था।

ईएसएमए में कई राजनीतिक बंदियों को रखा गया था, जिन्हें बाद में ‘मौत की उड़ान’ के जरिये गहरे समुद्र या नदी में जिंदा गिरा दिया जाता था। अजुसेना विलाफ्लोर अमेरिका से अर्जेंटीना लौटे विमान के पीड़ितों में शामिल थीं, जिनका बेटा नेस्तोर अचानक लापता हो गया था और माना जाता है कि अर्जेंटीना में तानाशाही युग की शुरुआत के दौरान उसे ‘मौत की उड़ान’ से गिराकर मार डाला गया था। बेटे के लापता होने के बाद विलाफ्लोर ने तानाशाही हुकूमत से गुमशुदा बच्चों के बारे में जानकारी देने की मांग करने के लिए ‘मदर्स ऑफ प्लाजा डि मेयो’ नाम के एक समूह की स्थापना की थी।

बाद में विलाफ्लोर को भी हिरासत में लेकर उन्हें मार दिया गया था। विलाफ्लोर की बेटी सेसिला डि विंसेटी ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, “पीड़ित परिजनों के रूप में हमारे लिए बहुत जरूरी है कि यह विमान इतिहास का हिस्सा बने, क्योंकि यह और इसके जरिये गिराए गए लोगों के शव बताते हैं कि उस दौर में वास्तव में क्या हुआ था।”

कैसे अमेरिका में खोजा गया 'मौत की उड़ान' भरने वाला विमान

‘शॉर्ट एससी.7 स्काईवैन’ की अर्जेंटीना वापसी इतालवी फोटोग्राफर जियानकार्लो सेरुओदो के प्रयासों से संभव हो पाई, जिन्होंने ‘मौत की उड़ान’ भरने वाले विमानों की तलाश में वर्षों गुजार दिए थे। फ्लोरिडा में इस विमान का इस्तेमाल डाक भेजने में किया जाता था।

एरिजोना में हाल के समय में कुछ ‘स्काई डाइवर’ ने इस विमान के जरिये हवा से छलांग लगाने के रोमांच का अनुभव किया था। सेरुओदो ने एक साक्षात्कार में कहा था, “इन विमानों को खोजना जरूरी है, क्योंकि ये नाजियों के भयानक ‘गैस चैंबर’ की तरह ही अहम थे, जिनका इस्तेमाल लोगों को मारने के लिए किया जाता था।” एपी पारुल प्रशांत प्रशांत

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