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अमेरिका की पहली महिला जिल बाइडन ने कहा, "भारत-अमेरिका के बीच शिक्षा संबंधों की आधारशिला है"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: June 23, 2023 08:25 IST

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की पत्नी जिल बाइडन ने नेशनल साइंस फाउंडेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कहा कि शिक्षा एक ऐसी मजबूत कड़ी है, जो भारत और अमेरिका के बीच ठोस संबंधों की आधारशिला है।

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ठळक मुद्देजिल बाइडन ने कहा कि शिक्षा ही वो धुरी है, जो भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की नींव है।उन्होंने भारत में लड़कियों की शिक्षा के लिए किये जा रहे प्रयासों के लिए पीएम मोदी की तारीफ कीजिल बाइडन ने पीएम मोदी से कहा कि भारत में लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करना बेहद आवश्यक है

वाशिंगटन:अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने भारत में लड़कियों को शिक्षित करने के नरेंद्र मोदी सरकार के प्रयासों की सराहना की और कहा कि शिक्षा ही एक ऐसी मजबूत कड़ी है, जो भारत और अमेरिका के बीच ठोस संबंधों की आधारशिला है। उन्होंने सभी भारतीयों, विशेषकर लड़कियों को शिक्षा और कौशल को बढ़ाने के लिए मोदी सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों पर प्रसन्नता व्यक्त की।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की पत्नी जिल बाइडन ने यह बात बुधवार को पीएम मोदी की मौजूदगी में नेशनल साइंस फाउंडेशन (एनएसएफ) द्वारा आयोजित 'स्किलिंग फॉर फ्यूचर इवेंट' के कार्यक्रम मे कही। एनएसएफ की कमान इस वक्त भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर सेथुरमन पंचनाथन के हाथों में है। एनएसएफ में पीएम मोदी के कार्यक्रम की मेजबानी जिल बाइडन कर रही थीं।

जिल बाइडन ने पीएम मोदी की ओर मुखातिब होते कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, मैं जानती हूं कि शिक्षा एक ऐसा मुद्दा है, जो आपके दिल के करीब है। ठीक वैसे ही जैसे यह मेरे लिए है। आपका काम यह सुनिश्चित करना है कि सभी भारतीयों और विशेषकर लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने और उन्हें कौशल हासिल करने का अवसर मिले, जिनकी उन्हें आवश्यकता है। मौजूदा वक्त में यह बहुत महत्वपूर्ण है।"

उन्होंने कहा, "हमारे स्कूलों और व्यवसायों द्वारा यहां छात्रों के लिए बनाए जा रहे कुछ नवोन्वेषी कार्यक्रमों को आपको देखना आपके लिए रोमांचक रहेगा। अगर हम चाहते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्थाएं मजबूत हो तो हमें उन युवाओं में निवेश करने की जरूरत है, जो हमारा भविष्य हैं। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि उनके पास वे अवसर हों, जिनके वे हकदार हैं।"

अमेरिका की पहली महिला बाइडन ने आगे कहा, "शिक्षा ही वो धुरी है, जो भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की नींव है। हम आशा करते हैं कि आपकी वर्तमान अमेरिका यात्रा के साथ यह और मजबूत होगा। हमारे विश्वविद्यालय एक साथ साझेदारी कर रहे हैं, अनुसंधान का नेतृत्व कर रहे हैं और समुद्र तक फैले प्रशिक्षुओं का निर्माण कर रहे हैं। और जैसा कि हमने यहां देखा है कि दोंनों देशों के छात्र एक-दूसरे के साथ मिलकर सीख रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं।"

मालूम हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की पत्नी होने के नाते प्रथम महिला होते हुए भी जिल बाइडन अब भी उत्तरी वर्जीनिया सामुदायिक कॉलेज में अंग्रेजी पढ़ा रही है, जहां वो साल 2009 से प्रोफेसर हैं। वह व्हाइट हाउस के बाहर स्वतंत्र करियर बनाए रखने वाली पहली राष्ट्रपति पत्नी हैं। कई भारतीय कैबिनेट मंत्रियों ने वर्जीनिया में उनके सामुदायिक कॉलेज का दौरा किया है। जिनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रमुख हैं।

जहां तक एनएसएफ का सवाल है तो यह अमेरिकी सरकार की एक स्वतंत्र एजेंसी है, जो विज्ञान और इंजीनियरिंग के सभी गैर-चिकित्सा क्षेत्रों में मौलिक अनुसंधान और शिक्षा का समर्थन करती है। अमेरिका में इसकी मान्यता राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के समकक्ष है।

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