लाइव न्यूज़ :

रूस के खिलाफ एक साथ आए 6 NATO देश, अब अपनी सीमाओं पर खड़ी करेंगे 'ड्रोन की दीवार'

By आकाश चौरसिया | Updated: May 28, 2024 18:06 IST

लिथुआनिया के गृह मंत्री एग्ने बिलोटाइट ने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में बताया कि यह पूरी तरह से नई चीज है, यह ड्रोन की दीवार नॉर्वे से पोलेंड के बीच बनाई जाएगी।

Open in App
ठळक मुद्देअब इस योजना पर कर रहे है कामरूस के खिलाफ 6 नाटो देशक्या रूस की मुश्किलें बढ़ेंगी

नई दिल्ली: रूसी सीमा से लगने वाले छह नाटो देशों ने अपनी सीमा को चाक चौबंध करने के लिए ड्रोन की दीवार बनाने का निर्णय किया है। इससे ये भी देशों ने माना कि वे अपनी सीमा को सुरक्षित कर सकें, लिथुआनिया के गृह मंत्री ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की थी।

लिथुआनिया के गृह मंत्री एग्ने बिलोटाइट ने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में बताया कि यह पूरी तरह से नई चीज है, यह ड्रोन की दीवार नॉर्वे से पोलेंड के बीच खींची जाएगी। इसका सीधा सा मकसद है कि ड्रोन और दूसरी तकनीकी उपकरणों से हम बॉर्डर को सुरक्षित करना चाहते हैं।  भाग लेने वाले लिथुआनिया के साथ बाल्टिक पड़ोसी देश लातविया, एस्टोनिया, पोलैंड, फिनलैंड और नॉर्वे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भौतिक मूलढांचा, सर्विलांस सिस्टम तक सीमित नहीं रहना चाहते, इसके आगे अब तकनीकी से लैस होते हुए ड्रोन सिस्टम से भी अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखेंगे। इससे हमें किसी भी भड़काऊ चीजों का सामना करने में आसानी होगी। ये तस्करी को रोकने की अनुमति देगा। 

परियोजना की फंडिंग, समयसीमा और तकनीकी पहलुओं जैसे विवरण प्रदान नहीं किए गए, लेकिन बिलोटाइट ने कहा कि यूरोपीय संघ के फंड एक भूमिका निभा सकते हैं और इस पर प्रत्येक देश को अपना होमवर्क करना होगा। एक साक्षात्कार में, फिनलैंड के गृह मंत्री मारी रैनटेनन ने कहा कि ड्रोन दीवार योजना में समय के साथ सुधार होगा। 

फिनलैंड, जो 2023 में नाटो में शामिल हुआ, रूस के साथ 832 मील की सीमा साझा करता है। ड्रोन की दीवार परियोजना में भाग लेने वाले छह देशों के गृह मंत्रियों ने 23 और 24 मई को लातवियाई की राजधानी रीगा में मुलाकात की। उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए सुरक्षा खतरों को देखते हुए रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। 

हालांकि, इस पूरी योजना पर पूर्व स्वीडिश सशस्त्र बल अधिकारी का कहना है कि हाल ही में लिथुआनिया द्वारा प्रचारित "ड्रोन वॉल" योजना, जिसमें कई नाटो राज्यों की सीमाओं की सुरक्षा के लिए ड्रोन का उपयोग शामिल है, इस योजना के एंटी-ड्रोन सिस्टम से लैस होने के कारण इतना प्रभावी नहीं हो सकता है।

 

टॅग्स :रूसNATOPoland
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वआज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां, पहले कोरोना आया, फिर युद्ध और अब energy crisis?, पीएम मोदी ने कहा- ये आपदाओं का दशक, वीडियो

ज़रा हटकेरूस-यूक्रेन युद्ध में शहीद हुए जवान, परिवार ने मोक्ष भूमि गया जी के पवित्र फल्गु नदी तट पर किया पिंडदान-तर्पण

भारतपश्चिम बंगाल व्लादिमीर लेनिनः प्रतिमाएं केवल धातु या पत्थर नहीं होतीं?

विश्वइज़राइल और अमेरिका के साथ युद्ध, मॉस्को पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची?, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ कई मुद्दे पर करेंगे चर्चा

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द आजाद करो?, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में हरीश पर्वतनेनी ने कहा

विश्व अधिक खबरें

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वयुद्ध के बादल छंटे? डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को रोका, तेहरान के साथ 'बड़ी बातचीत' का किया दावा

विश्वडार्विन, लिंकन, मार्क्स और समानता का साझा सिद्धांत