लाइव न्यूज़ :

ईरानी हमले में 34 अमेरिकी सैनिकों को दिमागी चोटें लगी थीं: पेंटागन

By भाषा | Updated: January 25, 2020 00:48 IST

इराक में अमेरिकी सेना के एक सैन्य अड्डे पर हाल ही में ईरान के मिसाइल हमले में 34 अमेरिकी सैनिकों को दिमागी चोटें लगी थी। इलाज के बाद उनमें से आधे सैनिक अपनी सैन्य ड्यूटी पर लौट आए हैं।

Open in App
ठळक मुद्दे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरू में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि आठ जनवरी के हमले में कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ।सेना ने कहा कि हमले के तुरंत बाद मामले सामने नहीं आए थे और कुछ मामलों में कई दिनों बाद इसका पता चला। 

इराक में अमेरिकी सेना के एक सैन्य अड्डे पर हाल ही में ईरान के मिसाइल हमले में 34 अमेरिकी सैनिकों को दिमागी चोटें लगी थीं। इलाज के बाद उनमें से आधे सैनिक अपनी सैन्य ड्यूटी पर लौट आए हैं। पेंटागन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता जोनाथन हॉफमैन के अनुसार, 34 में से 17 सैनिक अब भी निगरानी में हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरू में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि आठ जनवरी के हमले में कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ।

सेना ने कहा कि हमले के तुरंत बाद मामले सामने नहीं आए थे और कुछ मामलों में कई दिनों बाद इसका पता चला। 

टॅग्स :अमेरिकाईरानइराक
Open in App

संबंधित खबरें

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वयुद्ध के बादल छंटे? डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को रोका, तेहरान के साथ 'बड़ी बातचीत' का किया दावा

विश्वईरान युद्ध के बीच रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान ने सऊदी में अपने 8,000 सैनिक और जेट किए तैनात

विश्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा, ताइवान का जिक्र नहीं?, व्हाइट हाउस ने फैक्ट शीट जारी किया

विश्व अधिक खबरें

विश्वबांग्लादेश में भारतीय दूतावास अधिकारी की मौत, दफ्तर में मिला शव; मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस

विश्वसवाल पूछने के अवसर और तरीके को लेकर गंभीर सवाल

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

विश्वडार्विन, लिंकन, मार्क्स और समानता का साझा सिद्धांत