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MP के मंत्री ने समझाया महंगाई का गणित, किसानों का दिखाया फायदा तो कुमार विश्वास ने कसा तंज- सर्वशिक्षा अभियान बहुत आवश्यक है

By अनिल शर्मा | Updated: November 2, 2021 10:14 IST

एमपी के कैबिनिट मंत्री बिसाहूलाल से महंगाई को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,  उस जमाने में (पहले लोगों को) 1 रुपए में 10 किलो धान (चावल) मिलता था। और आज 19 रुपए 18 पैसा में एक किलो धान मिलता है तो...

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ठळक मुद्देमंत्री ने कहा- महंगाई को स्वीकार करना चाहिएकुमार विश्वास ने कहा- सर्वशिक्षा अभियान जरूरी है

नई दिल्लीः महंगाई की मार झेल रही जनता को मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने एक ऐसा गणित समझाया है कि इस महंगाई से किसानों को फायदा ही दिखा दिया। बिसाहूलाल के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर रीट्वीट कर मशहूर हिंदी कवि कुमार विश्वास ने भी तंज कसा हैं। वहीं सोशल मीडिया यूजर्स भी उनकी जमकर क्लास लगा रहे हैं।

दरअसल एमपी के कैबिनिट मंत्री बिसाहूलाल से महंगाई को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,  उस जमाने में (पहले लोगों को) 1 रुपए में 10 किलो धान (चावल) मिलता था। और आज 19 रुपए 18 पैसा में एक किलो धान मिलता है। तो किसानों का फायदा हुआ न कि 1 रुपए की जगह 19 रुपए मिल रहे हैं। अगर इस हिसाब से फायदा हो रहा है तो महंगाई को स्वीकार करना चाहिए। 

बिसाहूलाल के बयानवाले इस वीडियो को कुमार विश्वास ने साझा करते हुए तंजा कसा और लिखा- सर्वशिक्षा-अभियान बहुत आवश्यक है एक भी बच्चा छूटा, अक्ल-चक्र टूटा। कुमार के इस ट्वीट पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।

एक यूजर ने लिखा- आंकड़ें गलत हो सकते हैं लेकिन मतलब नहीं। सच है कि इस बार खाद्य उत्पादों के ज्यादा रेट के कारण किसान को अच्छा मूल्य मिल रहा है। मैं किसान का बेटा हूं और आपको बता दूं की हर बार 2800rs/क्विंटल वाली सरसो के इस बार किसान को 6000 रुपए तक मिले हैं और यही कारण था कि सरसो का तेल 200 तक गया। 

एक अन्य ने लिखा- जब तक यह पता नहीं चलेगा कि अडानी पोर्ट पर आयी हेरोइन कहां कहां पहुंची है तब तक ऐसे ही बयान आते रहेंगे भाजपा नेताओं के! वही एक यूजर ने आंकड़ें दिखाते हुए कहा- आज से चालीस वर्ष पूर्व भी धान 1.15 रुपए में 1 किलो मिलता था। पता नहीं 1 रुपए में 10 किलो धान किस जमाने में मिलता होगा? शायद तब, जब मंत्री जी का अवतरण भी नही हुआ होगा। पार्टी लाइन की मजबूरी में व्यक्तिगत मजबूती खत्म होती जा रही है। आंकड़ें आर बी आई।

एक ने लिखा- महोदय कहाँ सही से शिक्षा मिलेगा ! बिहार जैसे राज्य में 2012 के बाद एक वैकेन्सी आती है 94 हजार शिक्षक भर्ती । और उसमे ब्लाॅक लेवल पर धांधली करके भर्ती की जाती है अयोग्य अभ्यार्थी की । आप चाहें तो चयन सूची देख सकते BC कोटे की ।

टॅग्स :कुमार विश्वासमुद्रास्फीतिKisan Morcha
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