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Nirmal Verma 95th birth anniversary: नया संग्रह तीन अप्रैल को, निर्मल वर्मा की 95वीं जयंती पर खास तोहफा!

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 9, 2024 17:12 IST

95th birth anniversary of Nirmal Verma: राजकमल प्रकाशन लगभग 18 साल के अंतराल के बाद लेखक निर्मल वर्मा की किताब प्रकाशित कर रहा है।

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ठळक मुद्देअगले तीन महीनों में लेखक की सभी रचनाएं जारी करेगा, जिसमें 43 पुस्तकें शामिल हैं।कुल 44 पुस्तकों के साथ निर्मल वर्मा एक बार फिर राजकमल के ‘स्टार लेखक’ हैं।राजकमल प्रकाशन वर्मा और गिल की रचनाओं के पहले प्रकाशक रहे हैं।

95th birth anniversary of Nirmal Verma: प्रसिद्ध हिंदी लेखक निर्मल वर्मा की अप्रकाशित और असंकलित कहानियों का एक नया संग्रह तीन अप्रैल को उनकी 95वीं जयंती के मौके पर बाजार में उपलब्ध होगा। राजकमल प्रकाशन ने यह घोषणा की है। राजकमल प्रकाशन लगभग 18 साल के अंतराल के बाद लेखक निर्मल वर्मा की किताब प्रकाशित कर रहा है।

फरवरी के दौरान विश्व पुस्तक मेले में वर्मा की छह पुस्तकों का एक सेट और कवियत्री एवं वर्मा की पत्नी गगन गिल की दो पुस्तकों से शुरुआत करते हुए प्रकाशक अगले तीन महीनों में लेखक की सभी रचनाएं जारी करेगा, जिसमें 43 पुस्तकें शामिल हैं।

राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने एक बयान में कहा, ‘‘वर्मा की जयंती - तीन अप्रैल - के अवसर पर, उनकी अप्रकाशित और असंकलित कहानियों का एक नया संग्रह नई दिल्ली में जारी किया जाएगा। इस तरह, कुल 44 पुस्तकों के साथ निर्मल वर्मा एक बार फिर राजकमल के ‘स्टार लेखक’ हैं।’’

राजकमल प्रकाशन वर्मा और गिल की रचनाओं के पहले प्रकाशक रहे हैं। वर्मा को हिंदी साहित्य में ‘नयी कहानी’ साहित्यिक आंदोलन के अग्रदूतों में से एक के रूप में जाना जाता है। अपने पांच दशक के साहित्यिक सफर में उन्होंने पांच उपन्यास, आठ लघु-कहानी संग्रह और नौ गैर-गल्प पुस्तकें लिखीं।

उनके कुछ सबसे प्रसिद्ध कार्यों में ‘‘परिंदे’’, ‘‘कव्वे और काला पानी’’, और ‘‘डेढ़ इंच ऊपर’’ शामिल हैं। राजकमल प्रकाशन के साथ अपने जुड़ाव के बारे में गिल ने एक बयान में कहा, ‘‘यह पल घर वापसी जैसा है।’’ गिल ने कहा, ‘‘ निर्मल जी और मेरा सारा लेखन अब राजकमल प्रकाशन के पास लौट रहा है। ये क्षण घर वापसी जैसा अहसास दे रहा है।

राजकमल हमारे पहले प्रकाशक थे ..... बहुत शुरूआत से ही राजकमल के साथ बड़े ही सौहार्दपूर्ण संबंध रहे । अशोक जी के कामकाज संभालने के बाद मैंने उनके साथ बहुत सी किताबों पर काम किया, जिनमें निर्मल वर्मा , मेरी अपनी और कुछ हमारे दोस्तों की किताबें थीं । दुर्भाग्य से 2005 में हम लोगों के बीच कुछ गलतफहमियां हुईं और हम लोग अलग हो गए। ’’

उनकी कुछ प्रमुख रचनाओं में ‘एक दिन लौटेगी लड़की’, ‘ये आकांक्षा समय नहीं ’, और ‘अंधेरे में बुद्ध’ शामिल हैं। प्रकाशक मार्च में वर्मा की 12 किताबें और गिल की तीन किताबें प्रकाशित करेगा । उनकी सभी किताबें अप्रैल में बाजार में आएंगी। इन सभी किताबों का ई संस्करण भी उपलब्ध रहेगा।

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