लाइव न्यूज़ :

ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए इस बुजुर्ग ने अपना अनोखा रास्ता, पीपल के पेड़ पर जमाया डेरा और फिर...

By मुकेश मिश्रा | Updated: May 15, 2021 19:56 IST

इंदौर में ऑक्सीजन की कमी होने अस्पतालों में कई लोगों की मौत होने की खबर सुनने के बाद इस बुजुर्ग ने यह रास्ता अपनाया। ऐसा करने के बाद आक्सीजन लेवल 99 के करीब ही रहता है।

Open in App
ठळक मुद्देजिंदगी बचाए रखने के लिए एक बुजुर्ग ने कुछ ऐसा किया जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी की हो।ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए वह पीपल के पेड़ पर जा बैठे। वह पेड़ पर ही कपालभाती प्राणायाम और योग भी कर लेते हैं।

जब देश मे कोरोना के इलाज़ के लिए प्राणवायु ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ था तब एक 68 साल के बुजुर्ग ने अपने ऑक्सीजन लेबल को कायम रखने का एक अनोखा तरीका निकाला। वे घर मे लगे पीपल के पेड़ में ही डेरा जमा लिया। पेड़ पर ही बैठ कर वे योग करते है और वही खाना भी खाते है। सुबह शाम मिला कर वे सात से आठ घंटे पीपल के पेड के ऊपर ही बिताते हैं। 

इस शख्स का नाम राजेन्द्र पाटीदार निवासी राऊ रंगवासा है। उन्हें पीपल के पेड़ पर आसानी से चढ़ने में महारत हासिल है। पीपल के पेड़ पर रहने में राजेंद्र का पोता भी उसका साथ देता है। पेशे से कृषक राजेंद्र पाटीदार के घर के पास दो से तीन पीपल के पेड़ हैं। जिनमें एक पेड़ उनके घर से सटा हुआ है। जब उन्होंने सुना कि इंदौर में ऑक्सीजन की कमी होने अस्पतालों में कई लोगों की मौत हो गई, तो उन्होंने प्राकृतिक तरीके से ऑक्सीजन लेने की अपनी इस अनूठी विधि को अपनाते हुए पीपल के पेड़ पर जाकर बैठने का फैसला किया। 

बीते 15 से 20 दिनों से वे पीपल पर ही डेरा जमा रहे है. राजेंद्रबताते है पीपल पर बैठने से  ही उनका आक्सीजन लेवल  99 बना हुआ है। वहीं  पेड़ पर चढ़ने और उतरने से भी उनका शरीर फिट रहने के साथ यह दिन  भर फुर्ती महसूस करते हैं। इसका श्रेय भी में पीपल के पेड़ को देने से नहीं चूकते हैं। सुबह हो या शाम, जब भी राजेंद्र पाटीदार को पेड़ पर जाना होता है, ये अपनी कुर्सी लेकर पेड़ के ऊपर आसानी से चढ़ जाते हैं। पेड़ पर ही आसन लगाकर शुद्ध ऑक्सीजन लेते हुए कपालभाती प्राणायाम और योग भी कर लेते हैं। 

राजेंद्र के पेड़ पर चढ़े रहने के दौरान यदि उनसे कोई बात करना चाहता है तो वह भी पेड़ के ऊपर से ऐसे ही बात करते हैं उनका दावा है कि पीपल के पेड़ के साथ जो लोग प्राण वायु  की जुगलबंदी करते हैं उन्हें ना तो कोरोना  हो सकता है और ना ही उनका ऑक्सीजन लेवल घट सकता है। उन्होंने बताया उनकी देखा देखी अब गांव के कई बुजुर्ग भी इस तरह के प्रयास को लेकर प्रेरित हो रहे हैं। 

यही नहीं राजेंद्र का पोता कनिष्क भी पेड़ पर दादाजी की संगत का साथी बन चुका है। जब भी राजेंद्र पाटीदार पेड़ पर चढ़ते हैं और इन्हें किसी सामान की जरूरत होती है तो कनिष्क उनकी तत्काल मदद करता है।

टॅग्स :कोरोना वायरसकोरोना वायरस इंडियामध्य प्रदेश में कोरोना
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्यसीएम सिद्धरमैया बोले-हृदयाघात से मौतें कोविड टीकाकरण, कर्नाटक विशेषज्ञ पैनल ने कहा-कोई संबंध नहीं, बकवास बात

स्वास्थ्यमहाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 12 मामले, 24 घंटों में वायरस से संक्रमित 1 व्यक्ति की मौत

स्वास्थ्यअफवाह मत फैलाओ, हार्ट अटैक और कोविड टीके में कोई संबंध नहीं?, एम्स-दिल्ली अध्ययन में दावा, जानें डॉक्टरों की राय

ज़रा हटके अधिक खबरें

ज़रा हटकेपटना स्थित राज्य महिला आयोग के दफ्तर में प्रेमी जोड़े ने की शादी, लड़के ने आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में लड़की की मांग भरी

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

ज़रा हटकेVIRAL: गुब्बारे और बांसुरी बेचता है, लेकिन हुनर स्टेज लायक है! वायरल वीडियो

ज़रा हटकेIPL मैच में 20 रुपये का एक गिलास पानी! लखनऊ स्टेडियम में बवाल क्यों मचा?

ज़रा हटकेपाकिस्तान की 80% आबादी समलैंगिक और 20% उभयलिंगी?, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलोच का बयान, वायरल वीडियो