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Rajasthan के Bharatpur की Sharada Devi 5 माह से Corona Positive, 32 बार हो चुका Covid Test

By गुणातीत ओझा | Updated: January 28, 2021 21:46 IST

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शारदा देवी 5 माह से कोरोना पॉजिटिव हैं और स्वस्थ हैंअभी तक के कोरोना (Coronavirus) के ज्यादातर केस में देखा गया है कि 14 दिन में रिकवरी हो जाती है और संक्रमण खत्म हो जाता है। लेकिन, राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर (Bharatpur) में कोरोना एक महिला का पीछा ही नहीं छोड़ रहा। ये महिला पिछले पांच महीने से कोरोना संक्रमित है। भरतपुर के 'अपना घर' नाम के आश्रम में रह रही 30 साल की शारदा देवी का अब तक 32 बार कोविड टेस्ट हो चुका है। हर टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव ही आई है। इनमें 17 RT-PCR और 14 रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल हैं। इतना ही नहीं उनपर सभी तरह के इलाज आजमाए जा चुके हैं.. उन्हें एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवाइयां दी जा चुकी हैं, लेकिन संक्रमण उनकी शरीर से जाने का नाम ही नहीं ले रहा। और तो और लगातार कोरोना पॉजिटिव रहने के बावजूद शारदा देवी खुद को भला-चंगा महसूस कर रही हैं। अपने सारे काम वे खुद ही करती हैं। उनका वजन में भी इस दौरान 8 किलो का इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के लिए शारदा देवी का केस एक पहेली बना हुआ है।वहीं डॉक्टरों का मानना है कि 'कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद शारदा दूसरों के लिए खतरा नहीं हैं। क्योंकि, उनकी शरीर में मौजूद कोरोनावायरस एक्टिव नहीं हैं। यानी अब उनसे दूसरों में संक्रमण नहीं फैलेगा। हालांकि, ऐहतियात के तौर पर उन्हें आइसोलेशन में रखने की जरूरत है।' डॉक्टरों के मुताबिक, 'कोरोना रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव होने के दो कारण हो सकते हैं.. पहला तो ये कि मरीज के म्यूकोजा (नाक की झिल्ली) में डैड वायरस स्टोर हो गया हो। इससे नाक की झिल्ली काफी कमजोर हो जाती है। इस वजह से उनके टेस्ट पॉजिटिव आ रहे हैं। और दूसरा ये कि उनकी इम्यूनिटी काफी लो है, जिससे संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। हालांकि, इसकी सटीक जानकारी जांच का विषय है।शारदा देवी के बारे में बात करें तो उन्हें बझेरा गांव से इस आश्रम में लाया गया था। तब उनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। वे आश्रम की पहली कोरोना पॉजिटिव थीं। उनका पहला टेस्ट 28 अगस्त 2020 को किया गया था। अपना घर आश्रम में फिलहाल शारदा देवी समेत 4 कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं। कोरोना पॉजिटिव निकलने पर शारदा को अगस्त के आखिर में भरतपुर के RBM अस्पताल में भेजा गया था। वहां डॉक्टरों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि इनकी मानसिक और शारीरिक हालत ठीक नहीं है, इसलिए एक अटेंडेंट साथ रखना होगा। इसके बाद आश्रम ने अपना कोविड केयर सेंटर खोला। अब उन्हें जयपुर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।मीडिया रिपोर्ट्स में डॉक्टरों के हवाले से बताया गया है कि कोरोना से संक्रमित किसी भी इंसान में अगर 10 दिनों तक कोई खास लक्षण नहीं दिखते तो यह मान लिया जाता है कि वह कोरोना से रिकवर हो गया है। लेकिन डेड वायरस अगर ऐलीमेंट्री कैनल में फंसा रह जाए तो ऐसा व्यक्ति 100 बार जांच क्यों न करवा ले, उसकी रिपोर्ट हमेशा पॉजिटिव ही आएगी।
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