सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
तमिलनाडु में थेनी एवं कोयंबतूर जिले में रेप व हत्या के दो आरोपी एक दशक से फांसी के फंदे से बच रहे हैं। निर्भया के दोषियों की तरह ये दरिंदे भी कानूनी प्रावधानों की डोर थामे हुए हैं। ...
निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के चारों दोषियों की फांसी एक बार फिर टल गई है। चारों दोषियों में से एक पवन की दया याचिका राष्ट्रपति के सामने लंबित होने की वजह से पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। ...
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर गत 23 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत हुई है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ...
निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि अपने ही दिए फैसले में अमल करने में इतना समय क्यों लग रहा है? जो हमारी कानून व्यवस्था है उसमें जो मुजरिम चाहता है वो ही होता है। ये हमारे सिस्टम की नकामी दिखाता है, पूरा समाज, पूरी दुनिया देख रही है। इंसाफ से ज्यादा म ...
निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड केस के दोषी पवन गुप्ता की दया याचिका सोमवार को राष्ट्रपति ने खारिज दिया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटिशन खारिज कर दी है। ...
निर्भया केस: दिल्ली की एक अदालत ने 2012 में हुए निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले के चार दोषियों में से दो की याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दी। ...
Nirbhaya Case: दोषी पवन के वकील एपी सिंह एक बार फिर पटियाला हाउस कोर्ट पहुंच गए हैं और उनका कहना है कि डेथ वारंट पर रोक लगनी चाहिए, क्योंकि पवन ने राष्ट्रपति के सामने दया याचिका लगाई है। ...
सीजेआई एसए बोवड़े ने कहा कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि लोगों को मरना चाहिए, लेकिन इस तरह का दबाव कोर्ट नहीं संभाल सकता। यह उम्मीदें होती है कि यह अदालत दंगा रोक सकती है।लेकिन ऐसा नहीं है। ...