शरद पवार का जन्म 12 दिसंबर 1940 को पुणे के बारामती गांव में हुआ था। पवार महाराष्ट्र के प्रमुख नेता में शुमार हैं। वह एनपीसी प्रमुख हैं। वह केंद्र में रक्षा और कृषि मंत्री रह चुके हैं। वह बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके हैं। सांसद सुप्रिया सुले पवार की बेटी हैं। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। Read More
प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेलन में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, ''देश में अलग तरह का माहौल है। जिनके हाथ में हुकूमत है, उन्होंने आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया। देश के इतिहास में उत्तर प्रदेश का अलग स्थान है। स्वतंत्रता आंदोलन में काफी बड़ा योगद ...
chhatrapati shivaji maharaj jayanti 2020: मराठा सम्राज्य की नींव रखने वाले शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। 6 जून 1674 को शिवाजी मुगलों को परास्त कर लौटे और उनका मराठा शासक के रूप में राज्याभिषेक हुआ था। ...
महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे ने सीएए और एनआरसी के अलावा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इसमें दिए जा रहे कॉलमों की जांच करेंगे, जिससे एनपीआर के दौरान कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। ...
उद्धव ठाकरे ने कहा, "मैंने नरेंद्र मोदी सरकार को जांच के लिए सिर्फ एलागार परिषद केस सौंपा है। कोरेगांव मामला दलित समाज के लोगों से जुड़ा है। इस मामले को प्रदेश सरकार ने नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार को नहीं सौंपा है।" ...
महाराष्ट्र में भीमा-कोरेगांव मामले की एनआईए से जांच से नाराज एनसीपी चीफ शरद पवार ने अब महाराष्ट्र सरकार की ओर से मामले की एसआईटी जांच कराने का फैसला ले लिया है। ...
एनसीपी की बैठक में शरद पवार समेत कई बड़े नेता व उद्धव ठाकरे सरकार में एनसीपी कोटे के मंत्री शामिल हुए थे। इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा जांच के लिए भेजे गए एनआईए की टीम के अलावा प्रदेश सरकार की एसआईटी भी जांच करेगी। ...
भीमा कोरेगांव मामले की जांच एनआईए को देने के बाद से माना जा रहा है कि पवार नाखुश हैं। पहले कहा गया था कि भीमा कोरेगांव मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस करेगी, लेकिन इसके बाद उद्धव ठाकरे ने एनआईए को इस मामले की जांच सौंपने का फैसला कर लिया। ...
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या सरकार के खिलाफ बोलना ''राष्ट्र विरोधी'' गतिविधि है? पवार ने जलगांव में संवाददाताओं से कहा, '' यहां ऐसा लगता है कि तत्कालीन फडणवीस सरकार कुछ छुपाना चाहती थी इसलिए जांच एनआईए को सौंप दी गई। जिस समय कोरेगांव-भीमा हि ...