पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का दावा फर्जी? सरकार ने दिया जवाब, जानें क्या कहा
By अंजली चौहान | Updated: April 23, 2026 12:41 IST2026-04-23T12:40:33+5:302026-04-23T12:41:31+5:30
Petrol, Diesel Price: मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्रालय ने कहा कि ऐसी खबरें "फर्जी" हैं और इनका मकसद नागरिकों के बीच भय और दहशत पैदा करना है।

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का दावा फर्जी? सरकार ने दिया जवाब, जानें क्या कहा
Petrol, Diesel Price: भारत में पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों के दाम जल्द बढ़ने वाले हैं, इस दावे के साथ तेजी से खबर वायरल हो रही है। तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया गया कि ईंधन के दाम विधानसभा चुनाव के बाद बढ़ जाएंगे। इस खबर के फैलने पर सरकार का अब जवाब सामने आया है। दरअसल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को उन रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि राज्यों के चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।
FAKE NEWS
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 23, 2026
There are some news reports suggesting a price hike of petrol and diesel. It is hereby clarified that there is no such proposal under consideration by the Government.
Such news items are designed to create fear and panic amongst the citizens and are mischievous and… pic.twitter.com/yTAfJdah2o
मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्रालय ने कहा कि ऐसी खबरें "फर्जी" हैं और इनका मकसद नागरिकों के बीच डर और घबराहट पैदा करना है।
मंत्रालय ने कहा, "फर्जी खबर। कुछ खबरें ऐसी हैं जिनमें पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की बात कही गई है। हम यह साफ करते हैं कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसी खबरें नागरिकों के बीच डर और घबराहट पैदा करने के लिए बनाई गई हैं और ये शरारतपूर्ण और गुमराह करने वाली हैं।"
मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहाँ पिछले 4 सालों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें नहीं बढ़ी हैं। "भारत सरकार और तेल PSUs ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।"
यह दावा कहाँ से आया?
एक ब्रोकरेज फर्म ने एक नोट में कहा कि भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में राज्यों के मौजूदा चुनावों के बाद ₹25-28 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें देश की ईंधन मूल्य निर्धारण प्रणाली पर दबाव डालना शुरू कर रही हैं।
हॉरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) - जो एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग है - में चल रही बाधाओं के कारण आपूर्ति में कमी आने से कच्चे तेल की कीमतें भी ऊँची बनी हुई हैं। नोट में कहा गया है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर मौजूदा रोक अब और ज़्यादा समय तक बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि सरकारी तेल विपणन कंपनियाँ (OMCs) भारी नुकसान उठा रही हैं।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि मुंबई में यह ₹87.67 प्रति लीटर पर बनी हुई है।