यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
भारत में रूस के राजदूत पद के लिए नामित डेनिस अलीपोव ने भरोसा जताया कि पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण भारत को एस-400 मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति करने में कोई बाधा नहीं दिखती। ...
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के सभी 31 सदस्य देशों ने अपने रणनीतिक भंडारों से 6 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई थी। अमेरिकी मानक कच्चे तेल का दाम 5.24 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर 108.60 पर पहुंच गया। ...
Russia Ukraine Crisis: खारकीव शहर में यूक्रेनी सैनिकों और रूसी सेना के बीच भीषण लड़ाई हो रही है। खारकीव में बिगड़ती स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और उस शहर में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। ...
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की रूसी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करने का आह्वान करते हुए उस समय जुबान फिसल गई जब उन्होंने गलती से यूक्रेनियन को "ईरानी लोगों" के रूप में संबोधित कर दिया। ...
जो बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन के खिलाफ ‘पूर्व नियोजित और अकारण’ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका उनके द्वारा पेश की गईं चुनौतियों का सामना करने को तैयार है। ...
पोलैंड के वारसॉ स्थित भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए तत्काल सलाह जारी की है। इस एडवाइजरी में दूतावास ने नागरिकों को भीड़भाड़ वाली शेहिनी-मेड्यका सीमा से बचने और पोलैंड में त्वरित प्रवेश के लिए बुडोमिर्ज़ सीमा पर पहुंचने के ...