यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यूक्रेन के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। ब्लिंकन ने जेलेंस्की की हत्या की आशंकाओं के बारे में बात करते हुए एक न्यूज चैनल को यूक्रेन के भविष्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्क ...
रूस के हमले के बाद से यूक्रेन से कई लोग पड़ोसी देशों की ओर पलायन कर रहे हैं। अफरातफरी का माहौल है। इस बीच 11 साल के एक बच्चे की भी कहानी सामने आई है जो अकेले यात्रा करते हुए स्लोवाकिया पहुंच गया। ...
साल 2022 में कच्चे तेल के दामों में 25 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। 1 दिसंबर, 2021 को कच्चे तेल के दाम 68.87 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 130 डॉलर प्रति बैरल के कारोबार को पार कर गया है। ...
शोध के लिए नहीं बल्कि मेडिकल जैसी पढ़ाई के लिए भारत से हर साल लाखों विद्यार्थी विदेश जाते हैं. जाहिर सी बात है कि इसमें भारत के करोड़ों डॉलर विदेश चले जाते हैं. ...
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों सहित 22 राजनयिक मिशनों के प्रमुखों ने 1 मार्च को एक संयुक्त पत्र जारी कर पाकिस्तान से यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया था। ...
अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि कुछ सीरियाई पहले से ही रूस में नए हमले की तैयारी कर रहे हैं, जबकि अधिकतर अभी पहुंचने वाले हैं। ...