कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम का जन्म 16 सितंबर 1945 को हुआ। चिदंबरम इस समय राज्यसभा सांसद हैं। वह यूपीए-1 और 2 में देश के गृह और वित्त मंत्री थे। वह कंपनी मामलों के वकील हैं। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं। Read More
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि नागरिकता संशोधन विषय हमारे घोषणा पत्र से लेकर हमारी सोच में शुरू से विद्यमान था। देश की जनता ने हमें ताकत दी, हमारे सांसद चुनकर आए, और सांसदों के माध्यम से ही कानून बनता है। इस तरह आपको नागरिकता देने का काम हुआ है ...
हम भारत के संविधान की रक्षा करने के लिए लड़ रहे हैं। सीएए, एनपीआर और एनआरसी का विरोध कर रही सभी पार्टियों को साथ आना चाहिए। मुझे गर्व है कि छात्र संवैधानिक सम्प्रभुता और संवैधानिक नैतिकता जैसी अमूर्त चीजों के लिए लड़ रहे हैं। ...
पूर्व वित्त मंत्री ने ट्वीट कर कहा, ''देश सीएए, एनपीआर विरोधी प्रदर्शनों से प्रभावित है। दोनों एक स्पष्ट और वर्तमान खतरे को प्रस्तुत करते हैं। गिर रही अर्थव्यवस्था देश के लिए एक बड़ा खतरा है। यदि बेरोजगारी बढ़ती है और आय में गिरावट आती है, तो युवाओं ...
पूर्व गृहमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी को अपने कुछ प्रमुख आलोचकों के सवालों का जवाब देने चाहिए ताकि लोग इस कानून को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकें। उन्होंने ट्वीट किया, ''प्रधानमंत्री कहते हैं कि सीएए नागरिकता लेने के लिए नहीं, बल्कि देने के लिए है। ...
पूर्व केन्द्रीय मंत्री चिदंबरम ने एक साहित्यिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''मैंने भारतीयों जैसे मासूम लोग कभी नहीं देखे। यदि समाचार पत्रों में कुछ छप जाता है (और उन्होंने दो अखबारों के नाम भी लिये) तो हम उस पर विश्वास कर लेते हैं।'' ...
जम्मू-कश्मीर में योजना बनाने और उसका क्रियान्वयन करवाने वाली टीम को बदला जाए, जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और गोवा के राज्यपाल के पद से इस्तीफा देना चाहिए : चिदंबरम। ...
जेएनयू में हिंसा के बाद चौतरफा आलोचना का सामना कर रहे कुमार ने मंगलवार को छात्रों से अपील की थी कि वह अतीत को पीछे छोड़ें और विश्वविद्यालय परिसर में लौटें। पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ‘‘कुलपति चाहते हैं कि वे अतीत को पीछे छोड़ दें। उन्ह ...
चिदंबरम ने ट्वीट किया, ‘‘कल जारी की गई राष्ट्रीय आय 2019-20 के अग्रिम अनुमान भाजपा सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था की उपेक्षा और कुप्रबंधन की कहानी कहते हैं। पांच फीसदी की अनुमानित वार्षिक वृद्धि अतिशयोक्तिपूर्ण है। पहली छमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.75 फीस ...