एक कैलेंडर वर्ष खत्म होके जब दूसरा कैलेंडर वर्ष शुरू होता है तो उसे नया साल कहते हैं। दुनिया की हर सभ्यता में दिन-रात, महीने और साल की गणना के लिए किसी ने किसी कैलेंडर का अनुसरण किया जाता रहा है। आम तौर पर कैलेंडर की निर्धारण पृथ्वी की सूर्य के चारों तरफ परिक्रमा के समय या सूर्य या चंद्र की गति के अनुसार किया जाता है। भारत समेत पूरी दुनिया में इस समय सबसे अधिक देश ग्रेगैरियन कैलेंडर का पालन करते हैं। इस कैलेंडर में हर वर्ष एक जनवरी को नया साल शुरू होता है। ग्रेगैरियन कैलेंडर को पोप ग्रेगरी अष्टम ने अक्टूबर 1582 में प्रस्तुत किया था। इस कैलेंडर की खासियत थी कि इसमें लीप ईयर (29 दिन की फ़रवरी) की परिकल्पना प्रस्तुत की गयी थी। भारत सरकार भी ग्रेगैरियन कैलेंडर का अनुसरण करती है। भारत में सर्वाधिक प्रचलित विक्रम संवत और शक संवत रहे हैं। हालाँकि इनका प्रचलन अब केवल धार्मिक मामलों में होता है। Read More
Delhi: इस अभियान के दौरान 40 से अधिक हथियार और लाखों रुपये की नकदी बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई इलाके में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों को खत्म करने के उद्देश्य से की गई थी। ...
New Year 2026: इतिहास में हमेशा से 1 जनवरी नए साल का ग्लोबल दिन नहीं रहा है और 1 जनवरी को नए साल के दिन के रूप में दुनिया भर में पहचान कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जड़ों से धीरे-धीरे विकसित हुई है। ...
New Rules From 1 January: 1 जनवरी, 2026 से, नए नियम बैंकिंग, पैन-आधार, UPI, बच्चों के लिए सोशल मीडिया, दिल्ली और नोएडा में पेट्रोल गाड़ियों, सरकारी सैलरी, किसान ID और ईंधन की कीमतों पर असर डालेंगे। ...
New Year 2026: साल 2026 की नव वर्ष की पूर्व संध्या दुनिया भर में अलग-अलग समय पर मनाई जाएगी। किरिबाती में सबसे पहले नए साल का स्वागत करने से लेकर दूरस्थ द्वीपों में सबसे अंत में जश्न मनाने तक, आइए देखते हैं कि वैश्विक स्तर पर नव वर्ष की उलटी गिनती कैस ...