नवरात्रि के त्योहार के दौरान शक्ति की देवी माता दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विधान है। इन दिनों में कई भक्त उपवास रखते हैं। नवरात्रि में नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि की पूजा की जाती है। इस त्योहार की शुरुआत पहले दिन कलश स्थापना से होती है। Read More
आज मनुष्य विचलित हो रहा है, हिंसा की प्रवृत्तियां प्रबल हो रही हैं, परस्पर अविश्वास पनप रहा है और चित्त अशांत हो रहा है। स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तरों पर जीवन मूल्यों का क्षरण भी परिलक्षित हो रहा है। ऐसे कठिन समय में जगदंबा का स्मरण, वंदन और अ ...
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। मां दुर्गा ने यह रूप असुरों के संहार के लिए धारण किया था। मां चंद्रघंटा ने ही महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके आतंक से मुक्त करवाया। ...
शारदीय नवरात्रि के दौरान वास्तु के कुछ विशेष उपाय करने से भी आप लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ये उपाय आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में कारगर साबित होंगे। नवरात्रि से जुड़े वास्तु के ये उपाय इस प्रकार हैं - ...
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। ब्रह्मचारिणी मां दुर्गा माता का दूसरा रूप हैं। मां ब्रह्माचारिणी अपने भक्तों की सभी मनाकोमनाओं को पूर्ण कर उनके जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करती हैं। ...
शारदीय नवरात्रि पर्व शुरू हो गया है। यह हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान आप ज्योतिष शास्त्र में बताए गए राशि के अनुसार कुछ विशेष उपाय करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। ...
हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति वर्ष शारदीय नवरात्रि आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होती है और इसका समापन नवमी तिथि को होता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में मां दुर्गा के भक्त उनकी व्रत रखकर विधि-विधान से उपासना करते हैं। ...
हिन्दू पंचांग के अनुसार, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 07 अक्टूबर को सुबह 06:17 बजे से लेकर 07:07 बजे के बीच रहेगा। घटस्थापना में कलश स्थापना विधिनुसार की जाती है। ...
मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष कार्यों को नहीं करना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि के दौरान आपको कौनसे 9 कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ...