नवरात्रि के त्योहार के दौरान शक्ति की देवी माता दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विधान है। इन दिनों में कई भक्त उपवास रखते हैं। नवरात्रि में नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि की पूजा की जाती है। इस त्योहार की शुरुआत पहले दिन कलश स्थापना से होती है। Read More
मां भगवती को समर्पित नौ दिनों का पर्व शारदीय नवरात्रि आज शनिवार से शुरू हो चुकी है। माता के भक्तों में अभी से ही इस महापर्व का उत्साह देखने को मिल रहा है। ...
शारदीय नवरात्र का प्रारम्भ आज शनिवार 17 अक्टूबर को हो चुका है। पुरुषोत्तम मास की वजह से पितृ-विसर्जन अमावस्या के एक माह बाद नवरात्र प्रारम्भ हो सकी है। ...
शारदीय नवरात्र आज शनिवार से शुरू हो चुका है। इस नवरात्र का विशेष महत्व है। मान्यताओं के अनुसार नवरात्र शुरू होते ही आज के दिन मां दुर्गा का आगमन स्वर्ग से धरती पर हो चुका है। ...
नवरात्र पर किया गया पूजा-पाठ मनोवांछित फल की प्राप्ति कराने वाला होता है। बस, आवश्यकता है शुद्ध आचार-व्यवहार, सही विधि और पूजा हेतु सही स्थान के चयन करने की। नवरात्र में किए गए कार्य भी शुभ फलदाई होते हैं। ...
हर वर्ष आश्विन मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि से नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-आराधना आरंभ हो जाती है। इस बार की नवरात्रि बहुत खास है क्योंकि इस नवरात्रि 58 साल के विशेष फलदायी संयोग बन रहा है। ...
नवरात्र 2020 का आरंभ 17 अक्टूबर से होने जा रहा है। जबकि आमतौर पर पितृपक्ष के समाप्त होते ही अगले दिन से नवरात्र का आरंभ हो जाता है। लेकिन अबकी बार मलमास ने पितृपक्ष और नवरात्र के बीच एक महीने का अंतर ला दिया है। ...
हर श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि होती है और कलश स्थापना की जाती है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। ...
श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि होती है और कलश स्थापना की जाती है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। ...