राहुल ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वह अपना मौन तोड़ें और देश को बताएं कि अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति है. तथा उसे ठीक करने के लिए वह क्या कदम उठा रहे हैं. मोदी की खामोशी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राहुल ने कहा कि करोना का व्यापक प्रभाव देश की अर्थव् ...
चीन में अगर सरकार के अदना से कर्मचारी ने ऐलान कर दिया कि कोई घर से नहीं निकलेगा तो भूख से तड़पने के बावजूद कोई इसके उल्लंघन की हिमाकत नहीं करेगा. पर भारत में संभव है कि ऐसे ऐलान को भी मोदी सरकार का ‘हिटलरशाही रवैया’ मान कर एक बड़ा वर्ग फिर से ‘धरने’ ...
जावड़ेकर ने ट्वीट किया है, ‘‘प्रिय एनएआर, भारत के संदर्भ में आपका लेख काहानियों और अनुमानों से भरा हुआ है। हालांकि उसमें एक मौलिक कमी है.. तथ्यों की।’’ ...
केरल की रहने वाली कार्तिआनी सौ साल से ऊपर की एक और बुजुर्ग महिला भी पढ़ने के लिए प्ररित कर चुकी हैं। भागीरथी अम्मा ने जब राज्य के साक्षरता मिशन के तहत चौथी कक्षा पास की तब वह 105 साल की थीं। ...
सिंह ने कहा कि निर्माण क्षेत्र में 2025 तक एक हजार अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है और सरकार ‘मेक इन इंडिया’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को लागू कर इस लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रही है। ...
भाजपा-शासित राज्यों खासकर यूपी और बिहार में स्थिति और खराब है. लेकिन सरकार को अपने निकम्मेपन पर शायद ही पछतावा हो. केंद्र की इस फ्लैगशिप योजना के चार साल बाद भी केवल 23 फीसदी किसान बीमा करवाते हैं. जिसे देखते हुए केंद्र ने यह भी फैसला लिया कि वह कुल ...
चिदंबरम की दलील है कि 2014 से 2019 तक यस बैंक ऋण पर ऋण देती रही लेकिन आरबीआई और सरकार ने उसकी बैलेंस शीट पर आखिर नजर क्यों नहीं डाली और समय रहते अंकुश लगाने का काम क्यों नहीं किया. ...