मान्यताओं के अनुसार द्वापरयुग में महाभारत युद्ध के कुछ वर्षों बाद कलियुग का आगमन पृथ्वी पर हुआ। कलियुग उस समय आया जब भगवान श्रीकृष्ण पृथ्वी छोड़ बैकुंठ लौट चुके थे और पांडव भी इस दुनिया को छोड़ चुके थे। ...
महाभारत युद्ध में कौरवों ने सबसे पहले भीष्म पितामह को अपना सेनापति बनाया था। पितामह के बाणों के सामने पांडवों की सेना का लगातार नुकसान हो रहा था लेकिन अर्जुन समेत पांचों भाई सुरक्षित रहे। इसे देख दुर्योधन काफी नाराज था। ...
महाभारत के युद्ध के ठीक बाद अर्जुन के रथ में आग लग गई थी और ये जलकर स्वाहा हो गया। यह ऐसा रथ था जो जररूत पड़ने पर किसी भी दिशा और किसी भी लोक में भ्रमण कर सकता था। ...
युद्ध के बीच ही कर्ण के रथ का पहिया धरती में धंस गया। कर्ण जब उस पहिये को निकालने में व्यस्त थे, तभी अर्जुन ने श्रीकृष्ण के कहने पर बाण चलाकर कर्ण का सिर धड़ से से अलग कर दिया। ...
कथा के अनुसार श्रीकृष्ण की मृत्यु के बाद जब पांडवों ने उनका अंतिम संस्कार किया तो मानव शरीर तो अग्नि देव को समर्पित हो गया लेकिन उनका दिल जलता रहा। ...