महाकुंभ या कुंभ मेला हर 12 वर्षों में चार स्थानों - प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक पर आयोजित किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार देवताओं और राक्षसों का युद्ध 12 दिनों तक चला था। स्वर्ग का एक दिन पृथ्वी के एक वर्ष के समान होता है। इसलिए महाकुंभ 12 वर्षों में चार बार किया जाता है।आदि शंकराचार्य द्वारा पहली इस महा उत्सव की शुरुआत की गई थी। उन्होंने ही चार मुख्य तीर्थों को कुंभ मेले के चार पीठ के रूप में स्थापित कराया था। कुंभ मेले के दौरान देश दुनिया से दूर दूर से श्रद्धालु आते हैं। सभी का एक ही मकसद होता है पवित्र स्नान में डुबकी लगाना। मान्यता है कि कुंभ मेले के दौरान पवित्र स्नान करने से पिछले और इस जन्म के सभी पाप धुल जाते हैं। Read More
गंगा घाटों पर स्नान करने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। वहीं प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ...
नागा और अघोरी दो अलग प्रकार के साधु हैं। इनकी वेशभूषा से लेकर इनके तप करने के तरीके, इनका रहन-सहन, इनकी साधना और इनकी साधु बनने की प्रक्रिया में भी बड़ा अंतर देखा जा सकता है। ...
Ardh Kumbh Mela 2019 in Prayagraj: कुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर एक स्थित हॉल में एक शो में 400 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। हॉल के भीतर छोटे ढांचे पर यह शुरू किया है। ...
माघ महीने की पंचमी को हर साल बंसत का ये पर्व मनाया जाता है। इस साल बंसत पंचमी 10 फरवरी को है। माघ मेले में इस दिन भी लोगों की भारी भीड़, गंगा स्नान को जुटती है। ...
Prayagraj Ardh Kumbh Mela 2019: प्रयागराज में कुंभ मेले का आयोजन 15 जनवरी से किया जाएगा, जो चार मार्च तक चलेगा। यूपी की योगी सरकार ने कुंभ मेले के लिए कई स्पेशल सुरक्षाओं का इंतजाम करवाया है। ...