भारतीय सशस्त्र बल का सबसे बड़ा अंग भारतीय सेना है। वायु सेना, थल सेना और जल सेना भारतीय सेना की तीन प्रमुख अंग हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्र को बाहरी आक्रमण व आंतरिक खतरों से बचाना और अपनी सीमाओं पर शांति और सुरक्षा को बनाए रखना ही भारतीय सेना का उद्देश्य है। Read More
समझौते के बाद सेना की वापसी पहले आप पर भी इसलिए अटक गई है क्योंकि चीन चाहता है कि पहले भारतीय सैनिक उन पहाड़ियों से पीछे हटे जिन पर भारतीय सेना ने कुछ दिन पहले ही मोर्चाबंदी की है। ...
सैनिक, जब किसी कार्य के लिए प्रतिबद्ध होता है, तो समझौता नहीं कर सकता। यह कर्तव्य और साहस के मानकों के प्रति वचनबद्धता है, राष्ट्र के प्रति पूर्ण निष्ठा है। उद्देश्य प्राप्ति ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है। ...
यह घटना तब सामने आई थी जब एक समूह के दो सदस्य जंगल में शिकार के लिए गए थे और लौटने पर उन्होंने उक्त पांच युवकों के परिवार वालों को जानकारी दी थी कि युवकों को सेना के गश्ती क्षेत्र सेरा-7 से चीनी सैनिक ले गए हैं। ...
सरकारी सूत्रों ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिंगर-चार के, चीनी कब्जे वाले स्थानों पर कड़ी नजर रखने के लिए पैंगोग सो के आसपास पर्वतों की चोटियों और सामरिक महत्व वाले स्थानों पर अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है। ...
बडगाम जिले के कावूसा में सात सितंबर को हुई मुठभेड़ में गोली लगने के बाद आतंकवादी नाले में कूद गए थे। चार दिन की तलाश के बाद सुरक्षाबलों को एक आतंकवादी का शव मिला। ...
सात महीने के बेटे ने शहीद पिता को हाथ जोड़कर नमन किया। पत्नी और पिता ने भी शहीद को सैल्यूट करके अंतिम विदाई दी। सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक सोमबीर सांगवान, उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक सहित हजारों ग्रामीण इस मौके पर मौजूद रहे। ...
लद्दाख गतिरोध पर सरकारी सूत्र ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के करीब 50 सैनिक सोमवार को शाम करीब छह बजे मुखपारी चोटी के पास स्थित भारतीय चौकी की ओर आक्रामक तरीके से बढ़ रहे थे। चीन की सेना का प्रयास भारतीय सैनिकों को लद्दाख में मुखपारी चोटी ...
सोमवार की घटना के बाद एक बार फिर भारत और चीन की सेना के सैनिक आमने-सामने आए हैं। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, पैंगोंग के पास रेजांग ला में करीब 40-50 सैनिक दोनों ओर से आमने-सामने आए। ...