गुरु नानक का जन्म 29 नवंबर 1469 ई. में खत्री परिवार के पिता महता कालू के यहां माता तृप्ता की कोख से हुआ था। रावी नदी के किनारे बसे राय भोए की तलवंडी गांव में कार्तिक पूर्णिमा की अंधेरी रात में गुरु जी ने अवतार धारण किया था। गुरु नानक बचपन से ही बेहद समझदार थे। उन्होंने हिंदी, संस्कृत और फारसी भाषा का ज्ञान लिया। चार उदासियों में यात्रा की। गुरु नानक का विवाह माता सुलखनी से हुआ। उनसे उन्हें दो पुत्रों की प्राप्ति हुई - श्री चंद और लक्ष्मी दास। Read More
दो-तीन दिन पहले पाकिस्तान के सूचना मंत्नी ने जो वीडियो जारी किया है, उसमें जरनैल सिंह भिंडरांवाले, शाहबेग सिंह और अमरीक सिंह खालसा के फोटो भी चमक रहे हैं. ये वे लोग हैं जो 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मारे गए थे. इसके कारण उन लोगों की आवाज को ...
करतारपुर साहिब इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि गुरु नानक देव जी ने यहां अपनी आखिरी सांसे ली थी। सिर्फ यही नहीं अपने जीवन के 18 वर्ष उन्होंने यही गुजारे थे। ...
गुरू नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के लिए बृहस्पतिवार को भारत से 1,100 सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था यहां पहुंचा। ‘इवेक्यू ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड’ (ईटीपीबी) के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ये सिख नौ नवंबर को करतारपुर गलियारे के ऐ ...
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रविवार को ट्वीट किया, ‘‘श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर ऐतिहासिक समारोहों के तहत एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के पिछले हिस्से पर ‘एक ओंकार’ का चिह्र देखना दिल छूने वाला है।’’ ...
सिख समुदाय के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इसमें कहा गया कि सोमवार सुबह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई गणमान्य लोगों ने धार्मिक यात्रा को रवाना किया। ...
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इस आशय की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि, ‘‘भारतीय संस्कृति संबंध परिषद (आईसीसीआर:) ने नई दिल्ली स्थित विदेशी मिशनों के प्रमुखों को 22 अक्टूबर 2019 को अमृतसर में स्वर्ण मंदिर की यात्रा के लिये आम ...