फास्टैग एक ऐसा डिवाइस होता है जिसे गाड़ी के विंडस्क्रीन पर लगा दिया जाता है। RFID टेक्नॉलॉजी पर बेस्ड यह फास्टैग लगी गाड़ी जैसे ही टोल से गुजरती है तो रेडियो फ्रीक्वेंसी टेक्नॉलॉजी की मदद से फास्टैग स्कैन हो जाता है। स्कैन होते ही आपके बैंक खाते या फिर अन्य UPI आधारित गूगल पे, पेटीएम, भीम एप से पैसे कट जाते हैं। ऐसे में आपको लंबी लाइन में लगकर मैन्युअल तरीके से पैसे देकर टोकन लेने की जरूरत नहीं पड़ती। Read More
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वैध बैलेंस लेकिन अपूर्ण केवाईसी वाले फास्टैग को 31 जनवरी के बाद बैंकों द्वारा निष्क्रिय या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। ...
NHAI FASTag: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शुल्क वाले प्लाजा पर 2021 में फास्टैग के जरिए कुल 34,778 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ था। ...
FASTag को अब दोपहिया छोड़ सभी वाहनों पर लगाना अनिवार्य होगा। FASTag खरीदने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। अगर आपने फास्टैग नहीं लगाया तो टोल प्लाजा पार करते हुए दोगुना टोल टैक्स या जुर्माना देना पड़ेगा। ...
FASTag को अनिवार्य करने की समयसीमा बढ़ा दी गई है। अब ये 15 फरवरी से सभी वाहनों के लिए जरूरी होगा। ऐसे में FASTag से जुड़ी हर जानकारी हम यहां दे रहे हैं। जानिए फास्टैग कैसे खरीदें, इसके लिए क्या डॉक्यूमेंट्स चाहिए और इससे क्या फायदे होंगे। ...
फास्टैग की सुविधा को सबसे पहले टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए लाया गया था। दरअसल पहले टोल टैक्स के लिए टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगती थीं। इससे कई बार जाम भी लग जाता था। ...