भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) एक स्वायत्त एवं अर्ध-न्यायिक संस्थान है। जिसका गठन भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से विभिन्न से भारत के प्रातिनिधिक संस्थानों में प्रतिनिधि चुनने के लिए गया है। भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 में की गई थी। इसके तल्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओम प्रकाश रावत हैं। आयोग में वर्तमान में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। Read More
चुनाव के दौरान लोगों की नजर द प्लूरल्स पार्टी की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी पर टिकी थी. पटना की बांकीपुर और मधुबनी की बिस्फी सीट से उतरी पुष्पम प्रिया ने अखबारों में विज्ञापन देकर खुद को अगला मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित कर रखा था. ...
किफिरे जिले की पुंगरो किफिरे सीट पर निर्दलीय ते यांगसीओह संगतम भाजपा के लिरिमांग संगतम से आगे चल रहे हैं। दोनों ही सीटों पर तीन नवम्बर को मतदान हुआ था। ...
बिहार चुनावः कुल 1204 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जिनमें 110 महिला शामिल हैं. 78 विधानसभा क्षेत्र राज्य के जिन जिलों में पडते हैं, वे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, ...
गुपकार अलायंस के बैनर तले चुनाव मैदान में उतरने वालों में नेकां, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस समेत कई दल शामिल हैं। अलायंस ने आगामी सभी चुनावों को एकजुट होकर ही लड़ने का फैसला किया है। ...
निर्वाचन आयोग द्बारा नगरपालिका निगम, मुरैना और जिला देवास, भिंड, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, धार एवं इंदौर के नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची पुनरीक्षण-2020 की स्थगित प्रक्रिया पुन: प्रारंभ की जा रही है. ...
नीरज झा पिछले कई दिनों से कोरोना से संक्रमित थे. दस दिन पहले उन्हें एम्स पटना में भर्ती कराया गया था. उन्हें मधुमेह की भी शिकायत थी. एम्स में इलाज के दौरान उन्होंने आज अंतिम सांस ली. नीरज झा के निधन से उनके समर्थकों में शोक की लहर है. ...
अंतिम चरण का मतदान 7 नवंबर को होना है. कभी सवर्णों के वर्चस्व वाली बिहार की राजनीति में अब पिछड़ों और आधी आबादी अर्थात महिलाओं का दबदबा है. चाहे सरकार कोई भी बनाए, अहम भूमिका पिछड़ा वर्ग और महिलाएं निभाती हैं. ...
बिहार चुनावः अनुमान लगाया जाने लगा है कि यह शायद नीतीश कुमार के सत्ता में वापसी के लिए ’संजीवनी बूटी’ की तरह काम आ सकती हैं. ऐसे में सवाल यह उठने लगा है कि बिहार में क्या महिलायें नीतीश कुमार को सत्ता में वापस लाएंगी? ...