1 मई को झटके ही झटके?, शेयर बाजार से 30 दिन में 60,847 करोड़ रुपये निकाले और एलपीजी की कीमत में 993 रुपये की वृद्धि
By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 1, 2026 10:55 IST2026-05-01T10:51:53+5:302026-05-01T10:55:39+5:30

विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में लगातार बिकवाली जारी रखते हुए अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये (करीब 6.5 अरब डॉलर) की निकासी की।

भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ना और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण जोखिम लेने की क्षमता का प्रभावित होना इसकी मुख्य वजह रही।

वाणिज्यिक एलपीजी की कीमत में शुक्रवार को अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई और 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर 993 रुपये की वृद्धि हुई।

सरकार ने डीजल के निर्यात शुल्क या अप्रत्याशित लाभ कर को घटाकर शुक्रवार से 23 रुपये प्रति लीटर और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर लगने वाले कर को कम करके 33 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

पश्चिम एशिया में संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि के कारण यह लगातार तीसरी मासिक बढ़ोतरी है।

अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन (एटीएफ) के दाम शुक्रवार को पांच प्रतिशत बढ़ा दिए गए।

एटीएफ की कीमतों में लगातार दूसरे महीने वृद्धि की गई क्योंकि तेल कंपनियां अब वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल को सुनियोजित तरीके से ग्राहकों पर डाल रही है।

















