ऑडिटर ने एक हालिया रिपोर्ट में कहा कि इन आठ आईआईटी को बुनियादी ढांचे की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, उपलब्ध सीटों के मुकाबले कम नामांकन दर्ज किया गया, छात्र अनुपात में फैकल्टी की संख्या कम थी, छात्र नामांकन में आरक्षित श्रेणियों का पर्याप्त प्रतिनिध ...
गणित में महान गणितज्ञों में से एक श्रीनिवास रामानुजन के अविस्मरणीय योगदान को याद रखने और सम्मान देने के लिए उसी अवसर पर रामानुजन के जन्मदिन पर प्रतिवर्ष 22 दिसंबर को ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ मनाए जाने का निर्णय लिया गया, साथ ही वर्ष 2012 को राष्ट्रीय गण ...
दि मान भी लें कि 2018 में 70 लाख नए रोजगार बने तो भी बेरोजगारी की समस्या का निदान नहीं होता है क्योंकि अपने देश में हर वर्ष 120 लाख नए युवा श्रम बाजार में प्रवेश कर रहे हैं. इनमें से यदि 70 लाख को रोजगार मिल भी गए तो भी 50 लाख युवा बेरोजगार ही रह जाए ...
सरकारें भले ही कुछ भी दावे करती रहें पर देश की शिक्षा-व्यवस्था की एक सच्चाई यह भी है कि आज देश में मीरा रानी और मनीष शर्मा जैसे बारह लाख अध्यापक हैं जो सालों से कांट्रैक्ट टीचर की तरह दो सौ रुपए की दिहाड़ी पर देश का भविष्य संवारने का काम कर रहे हैं. ...
असलियत यह है कि पिछले 74 साल से शिक्षा के क्षेत्र में कोई मौलिक परिवर्तन नहीं हुए. इंदिरा गांधी के जमाने में शिक्षामंत्री त्रिगुण सेन और भागवत झा आजाद ने कुछ सराहनीय कदम जरूर उठाए थे. ...
वर्तमान शिक्षा व्यवस्था वैदिक शिक्षा व्यवस्था से बेहतर है जिसमें वैदिक शिक्षा व्यवस्था के लिए भी पूर्ण स्थान है। ऐसा भी नहीं है कि वर्तमान भारतीय शिक्षा व्यवस्था में वैदिक शिक्षा व्यवस्था के कोई अंश शामिल नहीं किए गए हैं। ...
केरल राज्य में कुट्टियम्मा 104 साल की उम्र में राज्य की लिटरेसी टेस्ट में 100 में से 89 अंक पाकर सबको हैरान कर दिया। वास्तव में उन्होंने समाज के लिए यह नजीर पेश कर दी कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती है। ...