क्रिसमस ईसाई धर्म का महत्त्वपूर्ण त्योहार है। यह हर साल 25 दिसंबर को दुनिया के अधिकांश देशों में मनाया जाता है। क्रिसमस "ईसा मसीह" के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। क्रिसमस को 'बड़ा दिन' भी कहा जाता है। क्रिसमस के दिन ईसाई समुदाय के लोग गिरजाघरों में इकठ्ठा होकर विशेष प्रार्थना करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, विशेष पकवान बनाते हैं और सबसे बड़ी बात जरूरतमंदों और गरीबों को खाना और अन्य जरूरी चीजें दान करते हैं। Read More
दिन को खास बनाने के लिए आपको विस्तृत योजना बनाने की जरूरत नहीं है। छोटे-छोटे अनुष्ठानों का पालन करने से यह दिन घर में सभी के लिए मंगलमय हो सकता है। ...
गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि अगर कोई इस नियम को सही से पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। यही नहीं इस दौरान कोरोना के नियम को भी फॉलो करने की बात कही जा रही है। ...
इस पर बोलते हुए वाई.के. दास ने बताया कि झारखंड में सिर्फ 125 डेसिबल तक की ध्वनि करने वाले पटाखों की ही बिक्री की इजाजत है। उनकी अगर माने तो इस वर्ष सभी जिलों के शहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर पिछले साल की तुलना में बहुत बेहतर पाया गया है। ...
दक्षिणपंथी उपद्रवियों ने दावा किया कि क्रिसमस मनाने वाले ईसाइयों के साथ उन्हें कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्होंने घोषणा की कि वे हिंदुओं को ऐसा नहीं करने देंगे, क्योंकि 25 दिसंबर को तुलसी दिवस भी था। ...
गुरुग्राम में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक गिरजाघर में कथित तौर पर कुछ लोगों के घुसने और प्रार्थनाओं में खलल डालने का मामला सामने आया है। इस दौरान जय श्री राम के नारे भी लगाए गए। ...