CBI: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), भारत में केंद्र सरकार की एक एजेंसी है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर होने वाले अपराधों जैसे हत्या, घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों और राष्ट्रीय हितों से संबंधित अपराधों की भारत सरकार की तरफ से जांच करती है। सीबीआई एजेंसी की स्थापना 1941 में स्थापित हुई थी और इसे अप्रैल 1963 में “केंद्रीय जांच ब्यूरो” का नाम दिया गया था, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम, 1946 ने सीबीआई को जांच की शक्तियां दी हैं। भारत सरकार राज्य सरकार की सहमति से राज्य में मामलों की जांच करने का आदेश को देती है। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय राज्य सरकार की सहमति के बिना देश के किसी भी राज्य में अपराधिक मामले की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दे सकते हैं। Read More
राकेश अस्थाना रिश्वतखोरी मामला: सीबीआई ने जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा था लेकिन अदालत ने दो महीने का वक्त और देकर उसकी याचिका का निपटारा कर दिया। ...
जांच एजेन्सी ने इस याचिका में कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को अग्रिम जमानत देते हुये अपने आदेश में कहा था कि यह हिरासत में लेकर पूछताछ करने योग्य मामला नहीं है ...
उन्नाव रेप कांड: 28 जुलाई 2019 को उन्नाव रेप पीड़िता की कार का रायबरेली में एक्सीडेंट हो गया था। सीबीआई ने इस मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मुख्य आरोपी बनाया है। हादसे में पीड़िता के एक रिश्तेदार महिला की मौत हो गई थी। ...
वर्मा ने इसे न्यूज चैनल की ‘ सोची समझी बदमाशी’ बताया। वर्मा ने एक बयान जारी करके कहा कि ‘चैनल के पास कथित पत्र की मनगढ़ंत बाते हैं, जो मैंने लिखी ही नहीं हैं।’’ ...
दिल्ली के अदालत ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया। चिदंबरम ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए तिहाड़ जेल में घर का बना भोज ...
इस बीच, दिल्ली के अदालत ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था। ...
विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश आर के चूडावाला पुलिस महानिरीक्षक जी एल सिंघल, पूर्व डीएसपी तरुण बरोट, पूर्व पुलिस उपाधीक्षक जे जी परमार और सहायक सब इंस्पेक्टर अनाजु चौधरी समेत चार आरोपी पुलिसकर्मियों द्वारा आरोप मुक्त करने के लिए दायर अर्जियों पर सुन ...