आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
अठावले ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी एक जोशीले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। पाकिस्तान इसे पचा नहीं पा रहा और उसने कश्मीर मुद्दा उठाने का एक बार फिर असफल प्रयास किया। ...
डी सैम और उनकी दोस्त नालिया ने नारननाग के चरवाहों के साथ मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में 15,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित माउंट हरमुख झील घाटी की यात्रा की। इसे कश्मीर का कैलाश भी कहा जाता है। ...
केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटने के निर्णय के बाद घाटी के लोगों को अपने बाल कटवाने और दाढ़ी बनवाने के लिए हजाम ढूंढना मुश्किल हो गया है। ...
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव संदीप कुमार बय्यापु ने कहा, ‘‘मेरे देश के बारे में निराधार और झूठी बातें फैलाने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा इस मंच का दुरुपयोग करने की यह एक अन्य कोशिश है। ऐसी कोशिशें पहले भी सफल नहीं हुईं और ...
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के पंजाब, राजस्थान, गुजरात में सक्रिय उसके एजेंटों के कश्मीर में असलहे पहुंचाने की फिराक मे हैं। जैश-ए-मोहम्मद के दबोचे गए तीन आतंकवादियों ने आईएसआई के मंसूबों को लेकर यह सच उगला है। ...
2015 से अब तक 800 से ज्यादा आतंकवादी और उनके समर्थकों को दबोचा जा चुका है लेकिन हालात बयां करते हैं कि युवाओं में दहशतगर्द बनने का भी आकर्षण कम नहीं हो रहा है। ...