पर्स में 4000 रुपए नकद और दस्तावेज, खोया पर्स नहीं मिला, डाक विभाग ने लौटाए जरूरी दस्तावेज
By सैयद मोबीन | Updated: April 22, 2026 20:41 IST2026-04-22T20:41:09+5:302026-04-22T20:41:58+5:30
आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और एटीएम कार्ड को संभालकर शंकर नगर पोस्ट ऑफिस के लेटर बॉक्स में डाल दिया.

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नागपुर: डाक विभाग की सजगता और एक अधिकारी की ईमानदार कोशिशों का नतीजा रहा कि एक व्यक्ति को उसके जरूरी दस्तावेज वापस मिल गए. माटे चौक निवासी कोरगंजी मोहन कांत हिंगणा के डी-मार्ट में खरीदारी के दौरान अपना पर्स खो बैठे. पर्स में चार हजार रुपए नगद और दस्तावेज थे. पर्स तो नहीं मिल पाया, लेकिन किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पर्स में मौजूद अहम दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और एटीएम कार्ड को संभालकर शंकर नगर पोस्ट ऑफिस के लेटर बॉक्स में डाल दिया.
नागपुर सिटी डिवीजन के जनसंपर्क निरीक्षक विशाल पाहुरकर की यह आदत है कि वे हर दूसरे दिन लेटर बॉक्स की जांच करते हैं. जब उन्होंने इस लेटर बॉक्स को खोला, तो उन्हें ये दस्तावेज मिले. उन्होंने बिना देर किए दस्तावेजों के मालिक तक पहुंचने की कोशिश शुरू की. काफी प्रयासों के बाद आखिरकार वे कोरगंजी मोहन कांत से संपर्क करने में सफल रहे और उन्हें पोस्ट ऑफिस बुलाया.
वहां विदर्भ पोस्टल रीजन के डाक सेवा निदेशक डॉ. सुधीर जाखेरे ने स्वयं उन्हें उनके दस्तावेज सौंपे. अपने जरूरी कागजात वापस पाकर कोरगंजी मोहन कांत ने डाक विभाग और विशेष रूप से विशाल पाहुरकर का आभार व्यक्त किया. यह घटना न केवल डाक विभाग की जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि समाज में मौजूद ईमानदारी और संवेदनशीलता की भी मिसाल पेश करती है.
इस अवसर पर सहायक निदेशक जयंत दाऊ और शंकरनगर पोस्ट ऑफिस के पोस्ट मास्टर रमेश मेश्राम उपस्थित थे. इस अवसर पर डॉ. सुधीर जाखेरे ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी को सड़क या कहीं भी इस तरह के महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलें, तो वे उन्हें नजदीकी पोस्ट ऑफिस के लेटर बॉक्स में डाल दें. इससे दस्तावेज सही व्यक्ति तक आसानी से पहुंचाए जा सकते हैं. यह छोटी-सी पहल किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है और यही असली इंसानियत है.