अमित शाह देश के गृह और सहकारिता मंत्री हैं। अहमदाबाद से लोकसभा सांसद हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष। 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई के एक गुजराती हिन्दू परिवार में जन्मे अमित शाह अमदाबाद में कॉलेज के दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े गये थे। अमित शाह गुजरात की सरखेज विधानसभा से 1997 में पहली बार विधायक बने। 1997 से ही ही शाह लगातार गुजरात विधान सभा के सदस्य रहे। जुलाई 2014 में उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। Read More
बीजेपी बंगाल के महासचिव सयंतन बसु कहते हैं, 'मैं इस बात को लेकर बहुत आश्चर्यचकित हूं कि आखिर ममताजी को जय श्रीराम के नारे से इतनी दिक्कत क्यों हैं। 1996 में राम मंदिर आंदोलन के समय से जय श्रीराम का नारा देश भर में प्रसिद्ध है। ...
अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू होगी। डीजीपी ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए उचित स्थानों पर सुरक्षा जांच केंद्र और नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने चाहिए। ...
lokmatnews.in का यह लाइव ब्लॉग है। आप यहां आज दिन भर देश और दुनिया होने वाली बड़ी हलचल और खबरों का अपडेट हासिल कर सकते हैं। आज कुछ अहम खबरों की बात करें तो सुप्रीम कोर्ट पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी की मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका प ...
गृहमंत्री को देश के भीतरी इलाकों के अलावा जम्मू कश्मीर, खासतौर पर सीमाई इलाकों की स्थिति के बारे में अवगत कराया गया। यह परंपरा बहुत पहले से चली आ रही है कि गृहमंत्री नियमित रूप से सुरक्षा समीक्षा बैठक करते हैं और उन्हें देश के नवीनतम आंतरिक हालात की ...
नड्डा संसदीय बोर्ड के सदस्य और केंद्रीय चुनाव समिति के सचिव हैं. इसके अलावा वह उत्तररप्रदेश के चुनाव प्रभारी हैं. नड्डा के काम के चलते लोकसभा चुनाव में भाजपा के यूपी से सबसे अधिक सासंद जीते फिर भी उन्हें मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया. ...
कुणाल घोष को नवंबर, 2013 में बिधाननगर के तत्कालीन पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल ने सारदा चिट फंड घोटाले के सिलसिले में उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य थे। उन्हें 2016 में जमानत मिली थी। ...
सत्ता दुबारा ज्यादा मजबूती से आई है, इकोनॉमी कहीं ज्यादा कमजोर हुई है. राजनीतिक दलों से गठबंधन मजबूत हुआ है लेकिन समाज के भीतर दरारें साफ दिखाई देने लगी हैं. लेकिन अब कुछ भी चौंकाता नहीं है क्योंकि जनादेश तले ही अब देश की व्याख्या की जा रही है. ...