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टिक टॉक से डरा अमेरिका, रखी जा रही है कड़ी निगरानी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 28, 2019 14:26 IST

दुनिया के अन्य हिस्सों की तरह टिक टॉक 200 मिलियन से अधिक डाउनलोड के साथ भारत में बेहद लोकप्रिय है। यह एप छोटे शहरों में काफी लोकप्रिय है। भारत में तो टिक टॉक के डाउनलोड पर भी एक बार प्रतिबंध लग चुका है। मद्रास हाईकोर्ट में दायर एक याचिका के बाद दावा किया कि यह अश्लील सामग्री का प्रचार कर रहा था और बच्चों को शिकारियों के लिए असुरक्षित बना रहा था।

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ठळक मुद्देअमेरिकी सीनेटर्स के पत्र के जवाब में टिक टॉक ने कहा कि यह टिक टॉक अमेरिकी यूजर्स का डेटा सिंगापुर में रखता है।टिक टॉक ने अपनी सफाई में यह भी कहा कि चीन से जुड़े कंटेंट को संवेदनशीलता के आधार पर हटाने का फैसला नहीं करता।

​​​​​हांगकांग में विरोध प्रदर्शन के दौरान कंटेट सेंसरिंग का आरोप लगने के बाद टिक टॉक एक बार फिर चर्चा में है। अब वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटर चक शूमर और टॉम कॉटन ने टिक टॉक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये खतरा बताया है। टिक टॉक एंड्राएड और आईओएस प्लेटफॉर्म दोनों को सपोर्ट करता है और लिप सिंकिंग वीडियो के लिये फेमस है।

इस एप को चीन की दिग्गज टेक कंपनी बाइटडांस ने 2016 में लॉन्च किया। म्यूजकली एप को इसमें मर्ज कर दिया गया। यह एप व्हाट्सएप के बाद यह दूसरा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला एप है।

अमेरिकी सीनेटरों को डर है कि टिक टॉक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिेये खतरा है। वो चाहते हैं कि सुरक्षा एजेंसियां चीनी सरकार के साथ टिक टॉक कंपनी के संबंधों की जांच करें। शूमर ने कहा कि अकेले अमेरिका में 110 मिलियन डाउनलोड के साथ टिक टॉक एक संभावित खतरा है जिसे हम अनदेखा नहीं कर सकते।

टिक टॉक की सेंसर सामग्री चीनी कम्युनिस्ट पार्टी  के लिये राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जाती है जिसमें हालिया हांगकांग विरोध से जुड़ी सामग्री, तिब्बती और ताइवान की स्वतंत्रता और उइगर्स से जुड़ा कंटेंट है।

कहा यह भी जा रहा है कि कंपनी टिक टॉक चीन में ऑपरेट नहीं होता और अमेरिकी यूजर्स का डेटा अमेरिका में ही रखता है। बाइटडांस को अभी भी चीन के कानूनों का पालन करना जरूरी है।

अमेरिकी सीनेटर्स के पत्र के जवाब में टिक टॉक ने कहा कि यह टिक टॉक अमेरिकी यूजर्स का डेटा सिंगापुर में रखता है। हमारा डेटा सेंटर चीन से बाहर है हमारा कोई भी डेटा चीनी कानूनों के अधीन नहीं है। इसके अलावा हमारे पर एक ऐसी टेक्निकल टीम है जो साइबर सिक्यॉरिटी और डेटा प्राइवेसी का पालन करने के लिये समर्पित है।

टिक टॉक ने अपनी सफाई में यह भी कहा कि चीन से जुड़े कंटेंट को संवेदनशीलता के आधार पर हटाने का फैसला नहीं करता। हम चीनी सरकार किसी भी विदेशी सरकार से प्रभावित नही हैं।

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