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Chandra Grahan 2021: चंद्रग्रहण समाप्त होने पर जरूर करें ये उपाय, अशुभ प्रभावों से मिलेगा छुटकारा

By रुस्तम राणा | Updated: November 19, 2021 12:40 IST

चंद्रग्रहण के दौरान ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए जहां चंद्र ग्रह की शांति के लिए मंत्रोच्चारण एवं शिव आराधना की जाती है। तो वहीं ग्रहण की समाप्ति के बाद भी कुछ विशेष उपाय करने आवश्यक हैं।

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साल का आखिरी चंद्रग्रहण आज कार्तिक पूर्णिमा के दिन लगा है। चंद्रग्रहण का प्रभाव अभी जारी है। ग्रहण का समापन शाम 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से ग्रहण एक अशुभ समयावधि होती है, इस दौरान कई कार्यों को करने की मनाही होती है। सूतक काल में खाने-पकाने, पूजा-पाठ से परहेज करना चाहिए। हालांकि उपछाया चंद्रग्रहण होने के कारण यहां पर ग्रहण का सूतक मान्य नहीं है। चंद्रग्रहण के दौरान ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए जहां चंद्र ग्रह की शांति के लिए मंत्रोच्चारण एवं शिव आराधना की जाती है। तो वहीं ग्रहण के समाप्ति की बाद भी कुछ विशेष उपाय करने आवश्यक हैं। 

ग्रहण खत्म होने के बाद करें स्नान

ग्रहण समाप्ति होने के बाद स्नान जरूर करना चाहिए। दरअसल ग्रहण के बाद स्वयं की शुद्धि होनी आवश्यक है। स्नान के पानी में कुछ बूंदें गंगा जल की डालें और फिर उस पानी से स्नान करें। ऐसा करने से आपके ऊपर पड़ा ग्रहण का प्रभाव शून्य हो जाएगा। स्नान के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण कर अन्य कार्य को करें।

गंगा जल का करें छिड़काव

स्नान करने के पश्चात आप गंगाजल को पूरे घर पर छिड़कें, इससे घर में आने वाली ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होगी। घर में पोछा लगाएं। इस प्रक्रिया से घर का शुद्धिकरण होगा। दरअसल ग्रहण के दौरान घर में ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर जाती हैं। 

घर के मंदिर को पवित्र

ग्रहण के बाद घर के मंदिर की भी शुद्धि आवश्यक है। इसलिए थोड़ा गंगा जल हाथ में लेकर मंदिर में छिड़कें। इसके साथ ही देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को भी गंगा जल से शुद्ध करें और इसके बाद ही पूजा करें। धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण का असर देवी-देवताओं पर के ऊपर भी पड़ता है। 

दान-दक्षिणा करें

ग्रहण के पश्चात दान-दक्षिणा करें। जरूरतमंद लोगों को अपनी इच्छानुसार फल, आनाज या फिर धन दें। संभव हो तो गरीब लोगों को भोजन कराएं। ऐसा करने से आपके ऊपर ग्रहण का प्रभाव शून्य हो जाएगा और आपको शुभ फलों की प्राप्ति भी होगी। ग्रहण के पश्चात गाय को रोटी खिलानी चाहिए। 

ग्रहण के बाद करें भोजन

ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए और न ही इसे तैयार करना चाहिए। ग्रहण के पश्चात ही भोजन बनाकर ग्रहण करना चाहिए। यदि भोजन ग्रहण के दौरान बना हुआ है तो उसमें पहले तुलसी के पत्ते डालकर उसे शुद्ध करें। बच्चों-बुजुर्गों और रोगियों पर सूतक का प्रभाव मान्य नहीं होता है। इसलिए उन्हें समय पर भोजन खिला देना चाहिए। 

टॅग्स :चन्द्रग्रहणपूजा पाठज्योतिष शास्त्र
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