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Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्रि में अपनी राशि के अनुसार ऐसे करें मां दुर्गा की आराधना, बरसेगी कृपा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 10, 2021 10:44 IST

चैत्र नवरात्रि व्रत 13 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं. 22 अप्रैल को व्रत पारण के साथ चैत्र नवरात्रि का समापन होगा.

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पंचांग के अनुसार चैत्र मास प्रारंभ हो चुका है. चैत्र मास को हिंदू नववर्ष का प्रथम मास माना जाता है. चैत्र में पड़ने वाली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि के नाम से जाना जाता है. धार्मिक दृष्टि से चैत्र नवरात्रि को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. चैत्र नवरात्रि में मां के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है.

हिन्दू धर्म के अनुसार  चैत्र नवरात्रि में विधि पूर्वक मां भगवती की उपासना करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और सुख समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है. चैत्र नवरात्रि व्रत 13 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं. 22 अप्रैल को व्रत पारण के साथ चैत्र नवरात्रि का समापन होगा. राशि अनुसार आप इन उपायों से मां भगवती को प्रसन्न कर सकते हैं. 

मेष मेष राशि के जातकों को मां स्कंदमाता की अराधना करनी चाहिए.  नवरात्र के नौ दिन दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें.

वृषभ आपको मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की उपासना करनी चाहिए. अविवाहित कन्याओं को मां के इस स्वरूप की आराधना से उत्तम वर की प्राप्ति होती है.

मिथुन मिथुन राशि के जातकों को  मां ब्रह्मचारिणी की उपासना करनी चाहिए.  साथ ही तारा कवच का रोज पाठ करना चाहिए. 

कर्क कर्क राशि के लोगों को मां शैलपुत्री की पूजा करनी चाहिए और नवरात्र में लक्ष्मी सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए

सिंह सिंह राशि के लोगों को मां कूष्मांडा की साधना विशेष फलदायी मानी जाती है.  नवरात्र में दुर्गा मंत्रों का जप करें

कन्या कन्या जातकों के लिए भी मां ब्रह्मचारिणी का पूजन फलदायी माना गया है. आप लक्ष्मी मंत्रों का जाप कर सकते हैं

तुला तुला राशि के लोगों को महागौरी की पूजा करना चाहिए. नौ दिन काली चालीसा या सप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ करना आपके लिए शुभ रहेगा

वृश्चिकवृश्चिक राशि के लोगों को स्कंदमाता की उपासना करनी चाहिए. साथ ही नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें

धनु इस राशि के लोगों को मां चंद्रघंटा की उपासना करनी चाहिए. नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग मंत्रों का जाप करें.

मकर मकर वालों को कालरात्रि की पूजा करनी चाहिए. साथ ही नर्वाण मंत्र का जप करें.

कुम्भ कुंभ राशि के जातकों को मां कालरात्रि की उपासना करनी चाहिए. साथ ही देवी कवच का पाठ करें.

मीन  मीन वालों को मां चंद्रघंटा की उपासना करनी चाहिए। साथ ही हल्दी की माला से बगलामुखी मंत्र का जप करना चाहिए।

 

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