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तीन तलाक पर संसद को गुमराह कर रही है सरकार: असदुद्दीन ओवैसी

By स्वाति सिंह | Updated: December 28, 2017 20:31 IST

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक बिल संविधान के खिलाफ है।

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केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश किया। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक को पाप कहा था। ये नारी की गरिमा और सम्मान का बिल है'। वहीं, एआईएमएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक बिल संविधान के खिलाफ है। यह महिलाओं के अधिकारों का हनन करता है।

ओवैसी ने कहा, "इस्लाम में तलाक-ए-बिद्दत और देश में घरेलू हिंसा कानून पहले से लागू है। ऐसे में देश को नए कानून की क्या जरूरत है।" औवेसी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार तीन तलाक पर जो बिल ला रही है, वह सविंधान में दिए गए मूल अधिकारों का हनन है। ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक पर सरकार का बिल कानून लचर है। इसमें कई ऐसे प्रावधान हैं, जो कानूनसंगत नहीं हैं।

 ओवैसी ने विधेयक पर बहस के दौरान कहा, "संसद को सिर्फ इस आधार पर तीन तलाक पर कानून बनाने का अधिकार नहीं मिल जाता कि यहां मूल अधिकारों का हनन हो रहा है...तीन तलाक पर कोई नया बिल या कानून लाने से पहले जनता के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस करानी चाहिए।"

ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक बिल के जरिए मोदी सरकार मुस्लिमों को जेल में डालने का सपना देख रही हैं। अगर सरकार का मकसद मुसलमानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना और उनको जेल में डालना है, तो जो चाहे वो करे। सुप्रीम कोर्ट ने सभी तरह के तलाक को खत्म करने की बात कही थी। किसी भी मुस्लिम देश में तलाक को लेकर दंड संहिता नहीं है। इसके तहत सजा का प्रावधान नहीं किया जा सकता है। शौहर से बीबी की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए जबरदस्ती नहीं की जा सकती है।

वहीं ओवैसी ने एक बंदर और मछली की कहानी भी सुनाई, कहा कि बचपन में हम एक कहानी सुनते थे कि एक नदी में बहुत सारी मछलियां तैर रही हैं और मजे कर रही हैं। किनारे पर एक बंदर बैठा है और वो इन मछलियों को एक-एक कर नदी से निकालता है और किनारे रखता है। किनारे आने से ये मछलियां पानी के लिए तड़प-तड़पकर मर गईं। जब बंदर से पूछा गया कि उसने इन मछलियों को क्यों बाहर निकाला तो उसने जवाब दिया कि वो इन मछलियों को पानी में डूबने से बचा रहा था। ओवैसी ने कहा कि सरकार के मुस्लिम महिलाओं को लेकर किया जा रहा ये प्रयास उस बंदर जैसा ही है।

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