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दिल्ली चुनाव में कांग्रेस साफ, 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच अधिवेशन, नेता लगा रहे हैं एक-दूसरे पर आरोप, आलाकमान नाखुश

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 13, 2020 14:21 IST

कांग्रेस ने दिल्ली में करारी हार के बाद पार्टी नेताओं के बीच जुबानी जंग को ‘अवांछित एवं अस्वीकार्य’ करार दिया और उन्हें अनुशासन की मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए कहा कि इन नेताओं को पहले अपनी भूमिका और जवाबदेही के बारे में विचार करना चाहिए।

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ठळक मुद्देकांग्रेस का अधिवेशन मार्च, 2018 में दिल्ली में हुआ था जो राहुल गांधी के अध्यक्ष चुने जाने के कुछ महीने बाद बुलाया गया था।पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी एक नेता ने बताया, ‘‘15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच कांग्रेस का अधिवेशन बुलाया जा सकता है।’’

कांग्रेस ने संकेत दिया कि अगले कुछ हफ्तों के भीतर पार्टी का अधिवेशन बुलाया जा सकता है जिसमें देश के वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर चर्चा हो सकती है।

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी एक नेता ने बताया, ‘‘15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच कांग्रेस का अधिवेशन बुलाया जा सकता है।’’ माना जा रहा है कि कांग्रेस के अगले अधिवेशन में देश के वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर चर्चा होगी।

इसके साथ ही इसमें राहुल गांधी के फिर से कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने को लेकर कुछ चर्चा अथवा निर्णय हो सकता है। इससे पहले कांग्रेस का अधिवेशन मार्च, 2018 में दिल्ली में हुआ था जो राहुल गांधी के अध्यक्ष चुने जाने के कुछ महीने बाद बुलाया गया था।

कांग्रेस ने दिल्ली में करारी हार के बाद पार्टी नेताओं के बीच जुबानी जंग को ‘अवांछित एवं अस्वीकार्य’ करार दिया और उन्हें अनुशासन की मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए कहा कि इन नेताओं को पहले अपनी भूमिका और जवाबदेही के बारे में विचार करना चाहिए।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अगर ये नेता अपनी भूमिका पर विचार कर लेंगे तो दिल्ली में पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम कांग्रेस की तरफ से कहना चाहते हैं कि कांग्रेस के कुछ नेता जिस तरह से अनुशासन की मर्यादा लांघकर एक दूसरे आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं वो अवांछित और अस्वीकार्य है।’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘ यह बेहतर होता कि नेता अपनी भूमिका, अपनी जिम्मेदारी, पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और चुनाव प्रचार के समय अपनी निष्ठा की तरफ देखते। अगर वो ऐसा करते हैं तो पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।’’

दिल्ली के प्रभारी पीसी चाको द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बारे में की गई कथित टिप्पणी के बारे में सुरजेवाला ने कहा कि चाको ने खुद कहा कि उन्होंने दिवंगत शीला दीक्षित के बारे में कुछ नहीं कहा है।

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