लाइव न्यूज़ :

आपका अधिकार है, शून्यकाल में आपको बोलने का मौका दूंगाः बिरला

By भाषा | Updated: November 20, 2019 13:17 IST

शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और द्रमुक के टी आर बालू ने अपनी-अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें शून्यकाल में विषय उठाने को कहा।

Open in App
ठळक मुद्देदो दिन के हंगामे के बाद लोकसभा में बुधवार को शांति से चला प्रश्नकाल।उनके आश्वासन के बाद सदस्य अपने स्थान पर बैठ गये और प्रश्नकाल शुरू हुआ।

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दो दिन लोकसभा में बैठक शुरू होने पर कांग्रेस, द्रमुक और नेशनल कान्फ्रेंस के सदस्यों की विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी के बाद बुधवार को सदन में प्रश्नकाल शांति से चला।

शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और द्रमुक के टी आर बालू ने अपनी-अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें शून्यकाल में विषय उठाने को कहा।

स्पीकर ने कहा, ‘‘आपका अधिकार है। शून्यकाल में आपको बोलने का मौका दूंगा।’’ उनके आश्वासन के बाद सदस्य अपने स्थान पर बैठ गये और प्रश्नकाल शुरू हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में उपस्थित थे। प्रश्न सूची में बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभागों से संबंधित प्रश्न सूचीबद्ध थे।

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार को हुई और पहले दो दिन सदन में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न मुद्दों पर हंगामा हुआ। सोमवार को नेशनल कान्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को श्रीनगर में हिरासत में रखे जाने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा में सरकार पर निशाना साधा और लोकसभा अध्यक्ष से सरकार को अब्दुल्ला को तत्काल रिहा करने का आदेश देने का अनुरोध किया। इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

सोमवार को शिवसेना के सदस्य भी महाराष्ट्र में किसानों के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे। अध्यक्ष बिरला ने नारेबाजी के बीच ही प्रश्नकाल चलाया। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा की बैठक हंगामे के साथ शुरू हुई और कांग्रेस नेताओं सोनिया, राहुल गांधी से एसपीजी की सुरक्षा वापस लिये जाने के मुद्दे पर कांग्रेस, द्रमुक के सदस्यों ने पूरे प्रश्नकाल में आसन के समीप नारेबाजी की। शून्यकाल में इन दलों के सदस्यों ने इस विषय पर सदन से वाकआउट किया।

मंगलवार को अध्यक्ष बिरला ने आसन के समीप नारेबाजी कर रहे सदस्यों को आगाह करते हुए कहा कि आसन के पास आकर आसन से बातचीत करने की परंपरा पहले रही होगी, लेकिन आगे से सदस्य ऐसा नहीं करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई करनी होगी। बाद में शून्यकाल शुरू होने पर ही नारेबाजी कर रहे सदस्य अपने स्थानों पर गये। 

टॅग्स :संसद शीतकालीन सत्रओम बिरलाडीएमकेकांग्रेससंसदमोदी सरकारनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारत अधिक खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर